🢀
रायसिंहनगर: किसान नेता श्योपत मेघवाल के नेतृत्व में मिनी सचिवालय का घेराव, सिंचाई पानी और मुआवजे की मांग तेज

रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर) | 23 मार्च 2026

राजस्थान के सरहदी जिले श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर कस्बे में आज किसानों के आक्रोश का सैलाब उमड़ने वाला है। पूर्व विधायक और दिग्गज किसान नेता श्योपत मेघवाल के आह्वान पर आज क्षेत्र के सैकड़ों किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर मिनी सचिवालय (उपखंड कार्यालय) का घेराव करेंगे। इस आंदोलन को लेकर पिछले कई दिनों से गांवों में जनसंपर्क किया जा रहा था, जिसके बाद आज भारी संख्या में ग्रामीणों और किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ रायसिंहनगर पहुंचने की उम्मीद है।

आंदोलन की मुख्य वजह: सिंचाई पानी का संकट

रायसिंहनगर और आसपास का पूरा क्षेत्र कृषि प्रधान है, जिसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह नहरों के पानी पर टिकी है। किसानों का मुख्य आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और नहरों के कुप्रबंधन के कारण टेल (नहर के अंतिम छोर) तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

  • सिंचाई बारी में कटौती: किसानों का कहना है कि वर्तमान रबी सीजन की फसलों और आगामी खरीफ की तैयारी के लिए पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा पानी की बारी में बार-बार कटौती की जा रही है।

  • नहरों की सफाई: कई माइनरों और खालों में सिल्ट (मिट्टी) जमा होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित है, जिसे लेकर किसान लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं।

फसल खराबे का मुआवजा और बीमा क्लेम

सिंचाई पानी के अलावा, मुआवजे का मुद्दा भी इस आंदोलन की प्रमुख धुरी है। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण रायसिंहनगर ब्लॉक में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। किसानों का आरोप है कि पटवारियों और प्रशासन द्वारा किए गए गिरदावरी सर्वे में भारी विसंगतियां हैं, जिसके चलते वास्तविक पीड़ित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान नेता श्योपत मेघवाल ने मांग की है कि प्रशासन पारदर्शी तरीके से दोबारा सर्वे कराए और जल्द से जल्द क्लेम राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित करे।

घेराव की रणनीति और प्रशासनिक अलर्ट

आज सुबह 11 बजे से ही किसान रामलीला मैदान में जुटना शुरू होंगे, जहां से एक विशाल आक्रोश रैली के रूप में मिनी सचिवालय तक कूच किया जाएगा। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उपखंड अधिकारी (SDM) या जिला स्तर का कोई बड़ा अधिकारी ठोस आश्वासन और लिखित आदेश नहीं देता, तब तक वे मिनी सचिवालय का मुख्य द्वार नहीं छोड़ेंगे।

प्रशासन ने इस बड़े घेराव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मिनी सचिवालय के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। तहसील मुख्यालय पर आने वाले आम नागरिकों को असुविधा न हो, इसके लिए यातायात के मार्गों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं।

राजनीतिक हलचल और किसानों का रुख

यह आंदोलन केवल मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आगामी स्थानीय चुनावों से पहले किसानों की एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। श्योपत मेघवाल ने सभा को संबोधित करने से पहले मीडिया से कहा, “अन्नदाता आज लाचार महसूस कर रहा है। न उसे अपनी मेहनत का सही दाम मिल रहा है और न ही अपनी जमीन के लिए पानी। जब तक हक नहीं मिलेगा, यह लड़ाई मिनी सचिवालय से लेकर जयपुर के गलियारों तक जारी रहेगी।”

आम जनजीवन पर प्रभाव

रायसिंहनगर में आज इस बड़े प्रदर्शन के कारण स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि किसान संगठनों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भरोसा दिलाया है, लेकिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के जमावड़े से कस्बे की सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️