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राजियासर में दर्दनाक हादसा: नींद के आगोश में ‘काल’ बनी कीटनाशक की बोतल, महिला की मौत

राजियासर (श्रीगंगानगर)। श्रीगंगानगर जिले के राजियासर थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ एक 50 वर्षीय महिला की महज एक छोटी सी गलती और असावधानी के कारण जान चली गई। नींद के झोंके में पानी समझकर जहरीली कीटनाशक दवा पीने से महिला की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद गमगीन माहौल में मृतका का अंतिम संस्कार किया गया।

घटना का विवरण: एक भूल जो जानलेवा साबित हुई

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 50 वर्षीय लीलादेवी के रूप में हुई है। घटना शुक्रवार की रात की है, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। बताया जा रहा है कि आधी रात के करीब लीलादेवी को प्यास लगी और वे अर्धनिद्रा (नींद की हालत) में उठीं। अंधेरे और नींद के कारण उन्हें अंदाज़ा नहीं रहा और उन्होंने पास ही रखी एक बोतल उठा ली।

दुर्भाग्यवश, उस बोतल में पानी नहीं बल्कि खेतों में छिड़काव के लिए इस्तेमाल होने वाली तेज कीटनाशक दवा थी। लीलादेवी ने बिना देखे ही उसे पानी समझकर दो-तीन घूंट पी लिया। दवा के गले से नीचे उतरते ही उन्हें जलन महसूस हुई और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

पति की जद्दोजहद, पर समय ने नहीं दिया साथ

कीटनाशक पीने के कुछ ही मिनटों बाद लीलादेवी को उल्टियां होने लगीं और वे दर्द से कराहने लगीं। उनकी आवाज सुनकर पास ही सो रहे उनके पति की आंख खुल गई। जब उन्होंने देखा कि पास में कीटनाशक की बोतल खुली पड़ी है, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पति ने बिना समय गंवाए शोर मचाया और पड़ोसियों की मदद से लीलादेवी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने का प्रबंध किया। रास्ते में लीलादेवी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। जब उन्हें अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर में जहर तेजी से फैल चुका था। अंततः डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम

शनिवार सुबह राजियासर थाना पुलिस को अस्पताल से इस घटना की सूचना मिली। पुलिस टीम ने अस्पताल पहुँचकर परिजनों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच और परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस इसे एक ‘दुर्घटना’ मान रही है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला असावधानीवश जहर सेवन का प्रतीत होता है।

राजियासर पुलिस का बयान: > “परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर ली गई है। शनिवार दोपहर को मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। घर में कीटनाशक जैसी खतरनाक वस्तुओं को पानी की बोतलों या आसानी से पहुँचने वाली जगहों पर रखना जानलेवा हो सकता है।”

ग्रामीणों और परिजनों में शोक

लीलादेवी की अचानक हुई मौत से उनके घर में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लीलादेवी एक सरल स्वभाव की महिला थीं। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक साधारण सी प्यास बुझाने की कोशिश मौत का कारण बन जाएगी।

सावधानी: घर में जहर और कीटनाशक का प्रबंधन

यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर कृषि प्रधान क्षेत्रों जैसे श्रीगंगानगर और राजियासर में किसान अपने घरों में कीटनाशक रखते हैं, लेकिन सुरक्षा के मानकों की अनदेखी करते हैं:

  • लेबलिंग जरूरी: कभी भी कीटनाशक को पानी या कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में न रखें। इससे भ्रम पैदा होता है।

  • ऊंचाई पर रखें: जहरीली दवाओं को हमेशा ऐसी अलमारी या जगह पर रखें जहाँ बच्चों या नींद में किसी व्यक्ति का हाथ आसानी से न पहुँचे।

  • अंधेरे में सावधानी: रात के समय पानी पीने के लिए हमेशा रोशनी का उपयोग करें, कभी भी अंधेरे में बिना देखे कुछ न पिएं।

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