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मौसम का दोहरा मिजाज: श्रीगंगानगर में भीषण लू के बीच बादलों की दस्तक और ‘येलो अलर्ट’

श्रीगंगानगर, राजस्थान का वह जिला जो अपनी चरम मौसमी परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, इस समय प्रकृति के दोहरे मिजाज का सामना कर रहा है। अप्रैल का महीना समाप्त होने को है और सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने समूचे उत्तर-पश्चिमी राजस्थान को तपा कर रख दिया है। लेकिन इसी भीषण गर्मी और लू (Loo) के बीच, मौसम विभाग की एक ताजा चेतावनी ने जिलेवासियों को राहत और चिंता, दोनों का मिश्रण दिया है।

28 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, श्रीगंगानगर और आसपास के संभागों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।


भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ता तापमान

पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर में पारा लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से उन मजदूरों और किसानों के लिए यह समय अत्यंत कष्टदायी साबित हो रहा है, जो खेतों में कटाई या मंडियों में अनाज ढोने का कार्य कर रहे हैं। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’: क्या है इसका मतलब?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित बीकानेर संभाग के कई हिस्सों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण वायुमंडल के निचले स्तरों में चक्रवाती हवाओं का घेरा बन रहा है।

अगले 48 घंटों (28 और 29 अप्रैल) के लिए संभावित स्थितियां:

  1. धूलभरी आंधी: जिले में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की संभावना है। यह रेतीली आंधी दृश्यता (Visibility) को कम कर सकती है।

  2. गरज-चमक और वज्रपात: आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और मेघ गर्जना के साथ बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

  3. हल्की बारिश व ओलावृष्टि: कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है, जो इस समय की फसलों और बागवानी के लिए चिंता का विषय है।


किसानों के लिए ‘राहत’ या ‘आफत’?

यह मौसम का बदलाव एक तरफ तो झुलसाती गर्मी से राहत लेकर आएगा, लेकिन दूसरी तरफ किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है। इस समय मंडियों में गेहूं और अन्य रबी फसलों की आवक जोरों पर है।

  • खुले में पड़ा अनाज: यदि तेज बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा हुआ अनाज भीग सकता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने का डर है।

  • किन्नू के बाग: जिले के प्रसिद्ध किन्नू के बागों के लिए हल्की बारिश तो वरदान है, लेकिन तेज आंधी और ओले फूलों और छोटे फलों को झाड़ सकते हैं।

प्रशासन की तैयारियां और सावधानियां

जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। बिजली विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि आंधी के दौरान पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।

आमजन के लिए बचाव के उपाय:

  • आंधी के समय पक्के मकानों में शरण लें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।

  • पशुपालक अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधें।

  • वाहन चालक धूलभरी आंधी के दौरान हेडलाइट का प्रयोग करें और गति धीमी रखें।

निष्कर्ष

श्रीगंगानगर में 28 अप्रैल की यह शाम बदलाव की आहट लेकर आई है। जहाँ एक ओर धूलभरी आंधी और संभावित बारिश तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट लाएगी और लोगों को ‘लू’ से निजात दिलाएगी, वहीं प्रकृति का यह उग्र रूप सावधानी बरतने का भी संकेत दे रहा है। आने वाले 24 घंटे श्रीगंगानगर के लिए मौसम के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।


सलामती की सलाह: बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अचानक तापमान गिरने से होने वाली मौसमी बीमारियों से बचें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️