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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: श्रीगंगानगर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, रेंजर 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

श्रीगंगानगर/रायसिंहनगर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को एसीबी की टीम ने श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर इलाके में जाल बिछाकर क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) अशोक सिंह को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई जिले में सरकारी तंत्र के भीतर पनप रहे भ्रष्टाचार पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।

शिकायत और रिश्वत की मांग का मामला

मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत एक परिवादी की शिकायत से हुई। परिवादी, जो कि एक निजी फर्म का संचालन करता है, ने एसीबी की श्रीगंगानगर इकाई को सूचना दी थी कि क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक सिंह उसके व्यावसायिक कार्यों में अनावश्यक अड़ंगे डाल रहे हैं।

शिकायत में बताया गया कि परिवादी की फर्म को वन विभाग से एक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की आवश्यकता थी। इसके अलावा, फर्म द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को निर्बाध रूप से चलने देने के बदले रेंजर अशोक सिंह ने भारी भरकम राशि की मांग की थी। आरोपी अधिकारी ने परिवादी को डराया था कि यदि उसे “सुविधा शुल्क” नहीं दिया गया, तो वह काम रुकवा देगा और फर्म पर कानूनी शिकंजा कस देगा।

1 लाख का सौदा और जाल (Trap)

एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी रेंजर ने शुरुआत में एनओसी जारी करने और काम जारी रखने के एवज में 1 लाख रुपये की मांग की थी। परिवादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी की शरण ली। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने गोपनीय तरीके से शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई और दोनों पक्षों के बीच सौदेबाजी के बाद पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये देना तय हुआ।

रंगे हाथों गिरफ्तारी की नाटकीय कार्रवाई

योजना के मुताबिक, मंगलवार को परिवादी रिश्वत की राशि लेकर रायसिंहनगर स्थित रेंजर के कार्यालय/ठिकाने पर पहुँचा। जैसे ही अशोक सिंह ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली और उसे अपनी दराज में रखा, पहले से ही तैयार बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।

जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण है कि उसने रिश्वत के रूप में दिए गए केमिकल लगे नोटों को छुआ था। टीम ने मौके से ही रिश्वत की राशि बरामद कर ली और आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया।

आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी

गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की सक्रियता और बढ़ गई। ब्यूरो के महानिदेशक के निर्देशानुसार, आरोपी रेंजर अशोक सिंह के सरकारी आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर एक साथ तलाशी (Search Operation) शुरू की गई। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने पूर्व में भी इस तरह की अवैध वसूली की है और क्या उसके पास आय से अधिक संपत्ति का कोई मामला बनता है। तलाशी के दौरान बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेजों और अन्य निवेशों की गहन जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध संदेश

एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत एसीबी के हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें।

“भ्रष्टाचार समाज के लिए एक कोढ़ है। रायसिंहनगर की यह कार्रवाई अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और देर-सवेर अपराधी पकड़ा ही जाता है।” — एसीबी अधिकारी

आगे की प्रक्रिया

आरोपी अशोक सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे जल्द ही एसीबी की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ से उसकी रिमांड ली जा सकती है ताकि इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

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