
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा करते हुए संयुक्त अलर्ट जारी किया है। सीमा पार से लगातार हो रही संदिग्ध गतिविधियों, विशेष रूप से ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों (हेरोइन) की तस्करी की कोशिशों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अब एक व्यापक और सख्त रणनीति अपनाई है।
नाइट गश्त और सघन नाकाबंदी
अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा से सटे अनूपगढ़, रायसिंहनगर, गजसिंहपुर, करणपुर और केसरीसिंहपुर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में रात के समय विशेष संयुक्त गश्त अभियान चलाए जा रहे हैं।
-
चेकपोस्ट और नाकाबंदी: सीमावर्ती ग्रामीण सड़कों और मुख्य राजमार्गों को जोड़ने वाले मार्गों पर पुलिस तथा बीएसएफ के जवान संयुक्त रूप से 24 घंटे नाकाबंदी कर रहे हैं।
-
वाहनों की जांच: रात के समय सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही करने वाले संदिग्ध चार-पहिया और दो-पहिया वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। चालक और यात्रियों के पहचान पत्रों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
-
ड्रोन ट्रैकिंग और एंटी-ड्रोन तकनीक: सीमा पर संदिग्ध उड़ने वाली वस्तुओं (ड्रोन) की आवाज और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष नाइट-विज़न उपकरणों और आधुनिक सुरक्षा तंत्र का उपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय संपर्कों पर शिकंजा और दबिश
पाकिस्तान स्थित तस्कर सीमाओं के पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप (कंसाइनमेंट) भारतीय सीमा में गिरा देते हैं। इसे उठाने (पिक-अप) के लिए स्थानीय तस्कर और पंजाब व अन्य राज्यों के कूरियर सक्रिय रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं:
-
स्थानीय मददगारों की पहचान: इंटेलिजेंस इनपुट और साइबर सेल की मदद से सीमावर्ती गांवों में सक्रिय ऐसे संदिग्ध तत्वों की सूची तैयार की गई है, जो सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में हैं।
-
दबिश व पूछताछ: चिन्हित किए गए स्थानीय संदिग्धों के ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है। हाल ही में पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
-
वित्तीय लेन-देन पर नजर: अवैध मादक पदार्थों के व्यापार से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों और डिजिटल भुगतान वॉलेट्स की भी जांच की जा रही है ताकि तस्करी के वित्तीय स्रोत को पूरी तरह से बंद किया जा सके।
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा सुरक्षा में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी क्रम में सीमावर्ती गांवों के सरपंचों, युवाओं और किसानों के साथ सुरक्षा चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।
-
ग्रामीणों को हिदायत दी गई है कि यदि वे रात के समय किसी भी प्रकार के ड्रोन की आवाज सुनें, आसमान में संदिग्ध रोशनी देखें या खेतों में कोई लावारिस पैकेट/वस्तु पाएं, तो तुरंत नजदीकी बीएसएफ पोस्ट या पुलिस थाने को सूचित करें।
-
संदिग्ध व्यक्तियों या अज्ञात वाहनों की आवाजाही दिखने पर तुरंत सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखने का आश्वासन दिया गया है।
बीएसएफ और जिला पुलिस के इस संयुक्त अलर्ट का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी की सप्लाई चेन को शून्य पर लाना और देश की आंतरिक सुरक्षा को पूरी तरह से अभेद्य बनाना है।