
राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के रावला (Rawla) मंडी थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों ने सीमा पार पाकिस्तान से संचालित हो रहे एक बड़े आतंकी व तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में सीमा सुरक्षा बल (BSF), एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और राजस्थान पुलिस ने पाकिस्तान से आए ड्रोन द्वारा गिराए गए खतरनाक हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री की खेप को जब्त कर लिया।
इसी के साथ, मौके पर सीमा पार से भेजी गई इस घातक डिलीवरी को उठाने पहुंचे पंजाब के दो संदिग्ध तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
1. खुफिया इनपुट पर ‘ऑपरेशन सीमांतक’ के तहत कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों (ANTF और BSF) को पिछले लगभग एक महीने से सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधियों और भारत-पाक तस्कर नेटवर्क की संदिग्ध हलचल की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद ANTF के आईजी विकास कुमार के निर्देशन में विशेष निगरानी और घेराबंदी शुरू की गई।
रावला क्षेत्र के चक 12 KND और खानुवाली पोस्ट के आसपास सीमावर्ती खेतों में संयुक्त टीमों ने जाल बिछाया। रात के अंधेरे में पाकिस्तानी सीमा की ओर से भारतीय सीमा में ड्रोन की संदिग्ध एंट्री हुई। ड्रोन ने तीन राउंड (Sorties) में विस्फोटक और हथियारों से भरे तीन पैकेट नीचे गिराए। जैसे ही पंजाब से गाड़ी लेकर पहुंचे दो तस्कर पैकेट उठाने आगे बढ़े, पहले से घात लगाकर बैठी टीमों ने उन्हें घेरकर धर दबोचा।
2. बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री की सूची
सुरक्षाबलों द्वारा मौके से बरामद किए गए तीनों पैकेटों से मिला सामान काफी खौफनाक और उच्च स्तरीय हथियारों का जखीरा है:
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अत्याधुनिक पिस्तौल: 2 ‘मेड इन तुर्की’ (Made in Turkey) जिगाना (Zigana) पिस्टल।
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मैगजीन: पिस्तौल की 4 खाली मैगजीन।
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जिंदा कारतूस: लगभग 600 से 650 राउंड जिंदा कारतूस।
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विस्फोटक पदार्थ: लगभग 7 किलोग्राम प्लास्टिक एक्सप्लोसिव (संभावित RDX)।
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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस: 2 रिमोट कंट्रोल, 4 जोड़ी बैटरी और वायर कनेक्शन किट (IED बनाने व ट्रिगर करने योग्य उपकरण)।
विस्फोटक सामग्री के उच्च तीव्रता वाले होने की आशंका को देखते हुए जयपुर से विशेष बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) को मौके पर बुलाया गया।
3. गिरफ्तार आरोपियों का पंजाब और पाक नेटवर्क से कनेक्शन
हिरासत में लिए गए दोनों आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी पंजाब में सक्रिय गैंगस्टरों या राष्ट्र विरोधी तत्वों से जुड़े हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक आरोपी पंजाब में पूर्व में हुए ग्रेनेड धमाके में भी संलिप्त रह चुका है।
सुरक्षा एजेंसियां (सीआईडी, एटीएस और सेना खुफिया विभाग) पकड़े गए तस्करों से यह पता लगाने के लिए कड़ी पूछताछ कर रही हैं कि:
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पाकिस्तान में यह खेप किसके द्वारा भेजी गई थी?
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भारत के भीतर यह खेप किस शहर या किस आतंकी/गैंगस्टर गिरोह को डिलीवर की जानी थी?
4. सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट और सघन तलाशी अभियान
इस बड़ी कामयाबी के बाद श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ से लगती भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। रावला, घड़साना और आसपास के खेत-खलिहानों में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ड्रोन से कोई अन्य सामग्री न गिराई गई हो।
सीमा सुरक्षा बल और राजस्थान पुलिस ड्रोन रोधी (Anti-Drone) प्रणालियों को और अधिक मजबूत करने तथा स्थानीय ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश देने पर जोर दे रही हैं।
यह घटना दर्शाती है कि सीमा पार से राजस्थान के शांत इलाकों के रास्ते पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में हथियारों व विस्फोटकों की आपूर्ति करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन सुरक्षा बलों की समय पर की गई मुस्तैदी ने एक बड़ी संभावित घटना को टाल दिया है।
इस घटना की अधिक जानकारी और मीडिया कवरेज देखने के लिए India News Rajasthan Video Report देखें। यह वीडियो श्रीगंगानगर में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हथियार व RDX बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी की शुरुआती अपडेट्स प्रदान करता है।