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भारत-पाक सरहद पर BSF का ‘ऑपरेशन अलर्ट’: श्रीगंगानगर सीमा पर अभेद्य सुरक्षा घेरा, पाकिस्तानी ड्रोन मूवमेंट को नाकाम करने के लिए हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल

श्रीगंगानगर। राजस्थान का सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर इन दिनों सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील और अलर्ट मोड़ पर है। पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही नापाक हरकतों और हाल ही में सामने आई नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी की बड़ी घटनाओं ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। सीमा पार बैठे तस्करों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के मंसूबों को मिट्टी में मिलाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। सरहद पर परिंदा भी पर न मार सके, इसके लिए दिन-रात कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

संयुक्त गश्त और बढ़ा हुआ सुरक्षा घेरा

हालिया इंटेलिजेंस इनपुट और तस्करों की धरपकड़ के बाद बीएसएफ और राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों ने एक संयुक्त रणनीति तैयार की है। इसके तहत सीमा से सटे इलाकों में संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) को काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया है।

बीएसएफ के जवान जहां जीरो लाइन पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं, वहीं स्थानीय पुलिस ने सीमावर्ती गांवों, संपर्क सड़कों और मुख्य चौराहों पर कड़े नाके लगा दिए हैं। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट और पुलिस के उच्च अधिकारी खुद देर रात सीमावर्ती चौकियों (BOPs) का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और जवानों के हौसले का जायजा ले रहे हैं।

पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क पर ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ का पहरा

पिछले कुछ समय में पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से हेरोइन और अवैध हथियारों की डिलीवरी के लिए आधुनिक ड्रोनों (Drones) का इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अंधेरे का फायदा उठाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स भारतीय सीमा के भीतर ड्रोन भेजते हैं। इस आधुनिक खतरे से निपटने के लिए बीएसएफ ने सीमा पर तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और कड़े इंतजाम किए हैं:

  • एंटी-ड्रोन गन और जैमर्स: सरहद पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम और जैमर्स तैनात किए गए हैं, जो सीमा पार से आने वाले किसी भी यूएवी (UAV) या ड्रोन के सिग्नल को हवा में ही ब्लॉक कर उसे मार गिराने में सक्षम हैं।

  • हाई-पावर फ्लड लाइट्स: रात के समय पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा को हाई-पावर फ्लड लाइट्स की रोशनी से जगमग कर दिया जाता है, जिससे घने अंधेरे में भी दूर-दूर तक होने वाली किसी भी हलचल को आसानी से देखा जा सके।

  • नाइट विजन डिवाइसेज: जवान आधुनिक नाइट विजन कैमरों और दूरबीन की मदद से कटीली तारों (Fencing) के पार होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रहे हैं।

सीमावर्ती गांवों में ‘विलेज डिफेंस कमेटियां’ एक्टिव, ग्रामीणों से अपील

सुरक्षा को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए सुरक्षाबलों ने सरहद से सटे गांवों के नागरिकों को अपनी ‘आंख और कान’ बनाया है। बीएसएफ और स्थानीय थाना पुलिस द्वारा सीमावर्ती गांवों में लगातार नागरिक संपर्क कार्यक्रम और बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

इन बैठकों में ग्रामीणों को जागरूक करते हुए अपील की जा रही है कि यदि वे रात के समय आसमान में किसी भी तरह की भनभनाहट की आवाज सुनें, कोई संदिग्ध रोशनी देखें या गांव के आसपास किसी अपरिचित व्यक्ति या वाहन को घूमते हुए पाएं, तो इसकी सूचना तुरंत बिना किसी देरी के नजदीकी बीएसएफ पोस्ट या स्थानीय पुलिस को दें। ग्रामीणों की मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं और विलेज डिफेंस कमेटियों (VDC) को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है।

घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी ताकतों को कड़ा संदेश

सुरक्षा एजेंसियों का साफ कहना है कि भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरहद पर तैनात जवानों को स्पष्ट निर्देश हैं कि सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध घुसपैठ या ड्रोन मूवमेंट पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई (Immediate Action) की जाए। श्रीगंगानगर से सटी इस सीमा पर बीएसएफ की यह अभूतपूर्व मुस्तैदी और हाई-टेक चौकसी यह साफ बयां करती है कि दुश्मन की हर नापाक चाल का जवाब देने के लिए देश के प्रहरी पूरी तरह तैयार हैं।

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