
7 फरवरी, 2026 को भारत के परिवहन और सहकारिता क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) सेवा का आधिकारिक अनावरण किया। यह केवल एक टैक्सी बुकिंग ऐप नहीं है, बल्कि देश की पहली बड़ी सहकारी राइड-हैलिंग (Cooperative Ride-hailing) सेवा है, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को निजी कंपनियों के शोषण से मुक्त करना और यात्रियों को किफायती यात्रा प्रदान करना है।
‘भारत टैक्सी’ का विजन: सहकार से समृद्धि
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि ‘भारत टैक्सी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को धरातल पर उतारने का एक प्रयास है। वर्तमान में, निजी एग्रीगेटर्स (जैसे ओला और उबर) ड्राइवरों से भारी कमीशन वसूलते हैं, जिससे ड्राइवरों की बचत कम हो जाती है। ‘भारत टैक्सी’ इस मॉडल को बदलकर इसे ‘ड्राइवर-केंद्रित’ बनाएगी।
सेवा की मुख्य विशेषताएं:
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न्यूनतम कमीशन: निजी एग्रीगेटर्स जहां 25-30% तक कमीशन लेते हैं, वहीं ‘भारत टैक्सी’ केवल 5-8% कमीशन लेगी, जो केवल ऐप के रखरखाव के लिए होगा। शेष राशि सीधे ड्राइवर की जेब में जाएगी।
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ड्राइवर कल्याण कोष: प्रत्येक सवारी की आय का एक छोटा हिस्सा ड्राइवरों के स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए बने कोष में जाएगा।
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पारदर्शी किराया: यात्रियों के लिए इसमें ‘सर्ज प्राइसिंग’ (Surge Pricing) की समस्या नहीं होगी। किराया पारदर्शी और सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा।
पहले चरण का लक्ष्य और विस्तार
सरकार ने इस सेवा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है:
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प्रथम चरण: पहले चरण में दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों में 1 लाख ड्राइवरों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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ट्रेनिंग और स्किलिंग: ड्राइवरों को केवल ऐप चलाना ही नहीं सिखाया जाएगा, बल्कि उन्हें व्यवहारिक कौशल (Soft Skills) और सुरक्षा प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
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महिला सुरक्षा: इस ऐप में एक विशेष ‘पिंक टैक्सी’ विकल्प और आपातकालीन SOS बटन दिया गया है, जो सीधे स्थानीय पुलिस मुख्यालय से जुड़ा होगा।
अर्थव्यवस्था और समाज पर प्रभाव
‘भारत टैक्सी’ का लॉन्च भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में सरकारी हस्तक्षेप और सहयोग का एक अनूठा उदाहरण है। इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभाव दूरगामी होंगे:
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आय में वृद्धि: कम कमीशन के कारण ड्राइवरों की शुद्ध आय में 20-30% की वृद्धि होने का अनुमान है।
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ई-कॉमर्स एकीकरण: इस सेवा को भविष्य में ‘ONDC’ (Open Network for Digital Commerce) से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री न केवल टैक्सी बुक कर सकेंगे, बल्कि स्थानीय सामान की डिलीवरी भी करवा सकेंगे।
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प्रदूषण नियंत्रण: अमित शाह ने घोषणा की कि जो ड्राइवर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाएंगे, उन्हें ‘भारत टैक्सी’ योजना के तहत विशेष इंसेंटिव और कम ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा।
निष्कर्ष
अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई ‘भारत टैक्सी’ सेवा देश के असंगठित गिग इकोनॉमी (Gig Economy) को एक संगठित और सुरक्षित ढांचा प्रदान करेगी। यह निजी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के साथ-साथ आम आदमी के लिए यात्रा को अधिक सुलभ और सस्ता बनाएगी। यह पहल साबित करती है कि यदि तकनीकी नवाचार को सहकारिता के साथ जोड़ा जाए, तो यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचा सकता है।