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भारत की ‘युवा ब्रिगेड’ का विश्व विजय: छठी बार U-19 क्रिकेट विश्व कप पर कब्ज़ा

7 फरवरी, 2026 का दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में खेले गए हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारतीय युवा टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों के विशाल अंतर से हराकर छठी बार U-19 क्रिकेट विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ ही भारत ने इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम होने के अपने रिकॉर्ड को और भी मजबूत कर लिया है।


वैभव सूर्यवंशी: एक नए सितारे का उदय

इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे मात्र 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी। बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने फाइनल जैसे बड़े मंच पर वह कर दिखाया जिसकी कल्पना बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं कर सकते।

  • तूफानी पारी: वैभव ने मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 15 गगनचुंबी छक्के और 18 चौके शामिल थे।

  • रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन: वैभव अब U-19 विश्व कप के फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उनकी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।

  • भविष्य का सुपरस्टार: क्रिकेट पंडितों ने वैभव की तकनीक और आक्रामकता को देखते हुए उन्हें ‘अगला मास्टर ब्लास्टर’ कहना शुरू कर दिया है।


मैच का लेखा-जोखा: भारत का दबदबा

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 385 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। वैभव के अलावा मध्यक्रम में कप्तान और अन्य बल्लेबाजों ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलीं।

जवाब में, 386 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ के सामने टिक नहीं सकी।

  • गेंदबाजी का जलवा: भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआती झटके दिए, जिसके बाद स्पिनरों ने शिकंजा कस दिया।

  • इंग्लैंड की हार: पूरी अंग्रेजी टीम 42वें ओवर में मात्र 285 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से स्पिन विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।


बीसीसीआई (BCCI) की ओर से इनामों की बौछार

भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बीसीसीआई ने पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। बीसीसीआई सचिव ने ट्वीट कर कहा कि यह जीत जमीनी स्तर पर भारत के मजबूत क्रिकेट ढांचे (Grassroots Structure) का प्रमाण है।


इस जीत के मायने

भारत का छठी बार विश्व चैंपियन बनना यह दर्शाता है कि देश में क्रिकेट की प्रतिभा का भंडार कभी खत्म नहीं होने वाला। इससे पहले भारत ने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में यह खिताब जीता था।

मुख्य प्रभाव:

  1. आईपीएल (IPL) की राह: इस टीम के कई खिलाड़ियों पर अब आगामी आईपीएल सीजन में फ्रेंचाइजी की नजरें होंगी।

  2. सीनियर टीम को मजबूती: वैभव सूर्यवंशी और अन्य युवा खिलाड़ी भविष्य में सीनियर भारतीय टीम के दावेदार के रूप में उभरे हैं।

  3. आत्मविश्वास: यह जीत भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को यह भरोसा दिलाती है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

निष्कर्ष

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में लहराता तिरंगा और खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत की खुशी ने करोड़ों भारतीयों को गौरवान्वित किया है। वैभव सूर्यवंशी की वह 175 रनों की पारी युगों-युगों तक याद रखी जाएगी। भारत की यह युवा टीम अब स्वदेश लौटेगी, जहाँ उनका भव्य स्वागत होने की उम्मीद है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️