
श्रीगंगानगर के रावला थाना क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से 4 किलो 88 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने तीन स्थानीय तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है।
कैसे पकड़ी गई खेप? (घटनाक्रम)
यह पूरी कार्रवाई 1 जनवरी 2026 की देर रात और 2 जनवरी की सुबह के बीच अमल में लाई गई। श्रीगंगानगर एसपी डॉ. अमृता दुहन के अनुसार, रावला पुलिस की टीम सीमावर्ती क्षेत्र में रूटीन गश्त पर थी। इसी दौरान 15 KND पुलिया के पास नहर के किनारे तीन युवक संदिग्ध हालत में घूमते हुए दिखाई दिए।
पुलिस की गाड़ी को देखते ही तीनों युवकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से हेरोइन के पैकेट और एक अत्याधुनिक DJI कंपनी का ड्रोन बरामद हुआ।
पाकिस्तान की ‘ड्रोन’ वाली साजिश
पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह हेरोइन पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए भेजी गई थी। तस्कर सीमा पार बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे और लोकेशन के आधार पर ड्रग्स की डिलीवरी लेने पहुंचे थे।
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ड्रोन क्रैश: जांच में सामने आया कि ड्रग्स की खेप गिराने के बाद जब ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट रहा था, तभी वह तकनीकी खराबी के कारण भारतीय क्षेत्र के एक खेत में क्रैश हो गया।
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तकनीक का इस्तेमाल: तस्करों ने ड्रग्स मंगवाने के लिए जीपीएस और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का सहारा लिया था।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
पुलिस ने इस तस्करी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान के ही निवासी हैं:
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जगनदीप सिंह उर्फ लब्बू सिंह (26): निवासी चक 10 K, अनूपगढ़।
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नीटू सिंह उर्फ रवनीत सिंह (21): निवासी डबली राठान, हनुमानगढ़।
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सतपाल सिंह (27): निवासी चक 04 STR, घड़साना।
इन तीनों के पास से हेरोइन की अलग-अलग मात्रा बरामद हुई है (लगभग 1-2 किलो प्रति व्यक्ति)।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
इस बरामदगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमा पार से असामाजिक तत्व अब पारंपरिक तस्करी के बजाय ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। 20 करोड़ की यह खेप संभवतः पंजाब और दिल्ली के बाजारों में सप्लाई की जानी थी। फिलहाल BSF और खुफिया एजेंसियां (IB) आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस रैकेट के मुख्य सरगना और पाकिस्तान में बैठे उनके संपर्क सूत्रों का पता लगाया जा सके।
नोट: बॉर्डर इलाके में किसी भी अनजान व्यक्ति या आसमान में उड़ने वाली संदिग्ध वस्तु (ड्रोन) की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या BSF चौकी को दें।