
श्रीगंगानगर के घड़साना इलाके से दिल को झकझोर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कहानी है उस धोखे की, जिसमें एक पत्नी ने अपने ही सुहाग को रास्ते से हटाने के लिए मौत का खौफनाक जाल बुना। 18 मार्च की सुबह जब इस हत्याकांड की परतें खुलीं, तो पूरा इलाका सन्न रह गया।
साजिश की शुरुआत: प्यार, धोखा और नफरत
घड़साना की गलियों में यह चर्चा आम थी कि मृतक का अपनी पत्नी के साथ अक्सर विवाद रहता था। जिसे दुनिया ‘गृह क्लेश’ समझ रही थी, उसके पीछे असल में एक अवैध प्रेम प्रसंग की काली परछाईं थी। आरोपी पत्नी का अपने ही एक जानकार (प्रेमी) के साथ लंबे समय से मेल-जोल था। पति इस रिश्ते में सबसे बड़ा कांटा बन चुका था।
सूत्रों के अनुसार, पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर तय किया कि जब तक पति जिंदा है, वे एक साथ नहीं रह पाएंगे। बस इसी सनक ने उन्हें एक खौफनाक ‘डेथ प्लान’ बनाने पर मजबूर कर दिया।
कत्ल की वो काली रात: कैसे दिया अंजाम?
वारदात वाली रात, जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया था, घर के भीतर मौत का तांडव रचा गया।
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बेहोशी या धोखे का वार: शुरुआती जांच में अंदेशा है कि पति को पहले किसी नशीले पदार्थ या नींद की गोलियों के जरिए बेसुध किया गया।
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गला घोंटकर हत्या: जैसे ही पति असहाय हुआ, पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। जिस हाथों में पति के नाम की मेहंदी होनी चाहिए थी, उन्हीं हाथों ने उसकी सांसों की डोरी तोड़ दी।
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सबूत मिटाने की कोशिश: कत्ल के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी लाश को ठिकाने लगाना। आरोपियों ने शव को चादर में लपेटा और अपनी बाइक या गाड़ी के जरिए चुपचाप इन्दिरा गांधी नहर (IGNP) की ओर ले गए।
नहर में फेंका शव: कुदरत का इंसाफ
हत्यारों को लगा था कि नहर का तेज बहाव उनके गुनाह को हमेशा के लिए दफन कर देगा। शव को पानी में फेंकने के बाद पत्नी ने घर आकर खुद को पीड़ित दिखाना शुरू कर दिया। उसने अगले दिन पति के लापता होने का ढोंग रचा और परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन कहते हैं न कि “कानून के हाथ लंबे होते हैं और कुदरत का इंसाफ देर से ही सही, पर दुरुस्त होता है।”
नहर के किनारे ग्रामीणों ने एक संदिग्ध शव तैरता देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला, तो उसकी शिनाख्त लापता पति के रूप में हुई।
पुलिस की ‘थर्ड आई’ और सनसनीखेज खुलासा
घड़साना थाना पुलिस के लिए यह मामला शुरुआत में एक ‘मिसिंग रिपोर्ट’ जैसा था, लेकिन शव मिलने के बाद मामला हत्या (302 IPC) में बदल गया। पुलिस ने जब पत्नी के बयानों में विरोधाभास देखा, तो शक की सुई उसकी ओर घूम गई।
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कॉल डिटेल्स (CDR): पुलिस ने जब आरोपी पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगालीं, तो कत्ल वाली रात उसके और प्रेमी के बीच हुई लंबी बातचीत और लोकेशन ने सारा राज उगल दिया।
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सख्ती से पूछताछ: जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो पत्नी टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि कैसे उसने और उसके प्रेमी ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
सलाखों के पीछे ‘खूनी इश्क’
आज 18 मार्च को पुलिस ने दोनों आरोपियों—बेवफा पत्नी और उसके खूनी प्रेमी—को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इलाके के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। जिस घर में खुशियां होनी चाहिए थीं, वहां अब मातम और नफरत का सन्नाटा है।
पुलिस का संदेश: “अपराध चाहे कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, अपराधी कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ता है। घड़साना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को महज 24 घंटों में सुलझा लिया है।”