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बीकानेर-गंगानगर मार्ग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध डोडा पोस्त और नशीली गोलियों की बड़ी खेप बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर (24 अगस्त):

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत बीकानेर-श्रीगंगानगर मार्ग पर एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर गठित विशेष टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां और अवैध डोडा पोस्त की खेप बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है।

नाकाबंदी के दौरान हत्थे चढ़े तस्कर

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीकानेर-श्रीगंगानगर राजमार्ग पर स्थित मुख्य चेकपोस्ट के पास पुलिस दल नियमित वाहनों की जांच कर रहा था। इसी दौरान बीकानेर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस टीम को देखते ही चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए नाकाबंदी बैरियर की मदद से वाहन को घेरकर रुकवा लिया।

वाहन के रुकते ही उसमें सवार दो व्यक्तियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब पुलिस ने गाड़ी के पिछले हिस्से और केबिन की सघन तलाशी ली, तो उसमें गुप्त रूप से बनाए गए केबिन के अंदर छिपाकर रखे गए कई प्लास्टिक के कट्टे मिले। कट्टों को खोलकर देखने पर भारी मात्रा में अवैध डोडा पोस्त और हजारों की संख्या में प्रतिबंधित फार्मास्यूटिकल नशीली दवाइयां (गोलियां) बरामद हुईं।

कार्रवाई और जब्ती का विवरण

पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक नाप-तौल और गिनती में बरामद नशीले पदार्थों का वाणिज्यिक परिमाण (Commercial Quantity) सामने आया है। जब्त किए गए नशे की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से बरामद सामग्री और तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन को अपने कब्जे में ले लिया तथा दोनों आरोपियों को मौके से हिरासत में ले लिया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह खेप पड़ोसी राज्यों और अन्य जिलों से लाकर श्रीगंगानगर तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति की जानी थी। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग का उपयोग तस्कर अक्सर सुरक्षित गलियारे के रूप में करने की कोशिश करते हैं।

पुलिस अब आरोपियों का रिमांड हासिल कर उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदुओं पर है:

  1. सप्लाई का स्रोत: यह नशीला पदार्थ कहां से खरीदा गया था और इसके पीछे कौन-सा बड़ा सप्लायर शामिल है।

  2. स्थानीय डिलीवरी: श्रीगंगानगर में यह खेप किन स्थानीय पैडलर्स (छोटे विक्रेताओं) तक पहुंचाई जानी थी।

  3. वित्तीय लेनदेन: तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन (Money Trail) की जांच।

नशे के खिलाफ सख्त संदेश

स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि श्रीगंगानगर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। राजमार्गों और सीमावर्ती रास्तों पर चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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