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बिजली चोरी और फॉल्ट पर रोकथाम के लिए डिस्कॉम की सतर्कता: श्रीगंगानगर में महाअभियान शुरू

श्रीगंगानगर: गर्मियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही बिजली की बढ़ती मांग और लोड को देखते हुए जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने श्रीगंगानगर जिले में अपनी सतर्कता पूरी तरह बढ़ा दी है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, लाइन लॉस (Line Loss) को कम करने और राजस्व को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए डिस्कॉम की सतर्कता विंग और तकनीकी टीमों ने एक विशेष महाअभियान छेड़ दिया है।

इस अभियान के तहत आज डिस्कॉम की विभिन्न विजिलेंस टीमों ने श्रीगंगानगर शहर के साथ-साथ जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी रोकने और स्वीकृत भार से अधिक (अवैध लोड) का उपयोग करने वालों के खिलाफ व्यापक स्तर पर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) चलाया। इस अचानक हुई कार्रवाई से बिजली चोरों और अवैध रूप से भारी उपकरण चलाने वाले उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है।

अवैध लोड और बिजली चोरी पर कड़ा प्रहार

डिस्कॉम के उच्च अधिकारियों के निर्देशन में गठित विशेष उड़नदस्तों (Flying Squads) ने सुबह तड़के ही शहर के अलग-अलग मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि व घरेलू कनेक्शनों की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान कई स्थानों पर सीधे मुख्य लाइन पर आकड़ा (कट) डालकर बिजली चोरी करने के गंभीर मामले पकड़े गए। इसके अलावा, कई ऐसे उपभोक्ता भी चिन्हित किए गए जिन्होंने कनेक्शन तो घरेलू या कम किलोवाट का ले रखा था, लेकिन वे उस पर बिना अनुमति के भारी एयर कंडीशनर (AC) या अन्य कमर्शियल मशीनें चला रहे थे।

अवैध रूप से लोड बढ़ाने के कारण ट्रांसफार्मर पर दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे वे जल जाते हैं या उनमें तकनीकी फॉल्ट आ जाता है। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए सभी डिफाल्टरों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत वीसीआर (VCR – Violation Control Report) भरी गई है और उन पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। गंभीर मामलों में सीधे पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।

सब-स्टेशनों पर मेंटेनेंस: अनावश्यक बिजली कटौती से मिलेगी मुक्ति

एक तरफ जहां बिजली चोरों पर शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली सप्लाई देने के लिए डिस्कॉम की तकनीकी टीमें धरातल पर पसीना बहा रही हैं। भीषण गर्मी के दिनों में अक्सर ओवरहीटिंग (Overheating) के कारण तारों का टूटना या सब-स्टेशनों पर फॉल्ट आना एक आम समस्या बन जाती है, जिससे लंबे समय तक बिजली गुल (Power Outages) रहती है।

इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए श्रीगंगानगर के विभिन्न ३३ केवी (33 KV) और ११ केवी (11 KV) सब-स्टेशनों पर युद्ध स्तर पर मेंटेनेंस और सुदृढ़ीकरण का काम किया जा रहा है। तकनीकी कर्मचारियों द्वारा:

  • ढीले पड़ चुके बिजली के तारों (Loose Wires) को कसा जा रहा है।

  • जर्जर हो चुके इंसुलेटर और ट्रांसफार्मर के ऑयल को बदला जा रहा है।

  • बिजली की लाइनों के पास आ रही पेड़ों की टहनियों की छंटाई की जा रही है ताकि आंधी या तेज हवा चलने पर फॉल्ट न हो।

इस पूर्व-नियोजित मेंटेनेंस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को अघोषित और अनावश्यक बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अधिकारियों की अपील: सजग नागरिक बनें, विभाग का सहयोग करें

डिस्कॉम के स्थानीय अधिशासी अभियंता (XEN) ने इस कार्रवाई और मेंटेनेंस कार्य की जानकारी देते हुए आम जनता से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी केवल विभाग का नुकसान नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक अपराध है। चोरी की बिजली के कारण ईमानदार और नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को वोल्टेज में उतार-चढ़ाव (Voltage Fluctuation) और ट्रिपिंग की समस्या झेलनी पड़ती है।

विभाग का संदेश: “उपभोक्ता अपने आसपास हो रही किसी भी प्रकार की बिजली चोरी, अवैध रूप से डाले गए आंकड़ों या बिजली लाइनों से छेड़छाड़ की सूचना तुरंत डिस्कॉम के टोल-फ्री नंबर या नजदीकी सहायक अभियंता (AEN) कार्यालय में दें। सूचना देने वाले नागरिक का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। बिजली बचाएं और एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।”

डिस्कॉम की इस दोहरी रणनीति—एक तरफ अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और दूसरी तरफ तकनीकी सुधार—से आने वाले दिनों में श्रीगंगानगर की विद्युत व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

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