
7 फरवरी, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय कुआलालंपुर (मलेशिया) यात्रा ने दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के बढ़ते प्रभाव को एक नई दिशा दी है। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण भारत के स्वदेशी डिजिटल भुगतान तंत्र, UPI (Unified Payments Interface) का मलेशिया में शुभारंभ रहा। यह कदम न केवल दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि तकनीकी नवाचार में भारत के वैश्विक नेतृत्व को भी रेखांकित करता है।
UPI का वैश्विक विस्तार: अब मलेशिया में भी डिजिटल भुगतान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए यह ऐतिहासिक घोषणा की कि UPI जल्द ही मलेशिया के वित्तीय बाजार का हिस्सा बनेगा। यह समझौता भारत के ‘नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया’ (NPCI) और मलेशियाई वित्तीय संस्थानों के बीच गहन चर्चा के बाद संभव हुआ है।
इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार होंगे:
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पर्यटकों के लिए सुविधा: हर साल लाखों भारतीय पर्यटक मलेशिया जाते हैं। UPI शुरू होने से उन्हें मुद्रा विनिमय (Currency Exchange) की झंझट से मुक्ति मिलेगी और वे सीधे अपने भारतीय बैंक खातों से स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे।
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प्रवासी भारतीयों को लाभ: मलेशिया में रहने वाले लाखों भारतीय मूल के लोग और श्रमिक अब आसानी से और कम लागत पर भारत में अपने परिवारों को पैसा भेज सकेंगे।
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व्यापारिक सुगमता: छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए सीमा पार लेनदेन (Cross-border transactions) सरल और सुरक्षित हो जाएगा।
भारत: एक ‘भरोसेमंद भागीदार’ (Trusted Partner)
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत को वैश्विक विकास के लिए एक ‘भरोसेमंद भागीदार’ के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों में भारत एक ऐसी शक्ति है जिस पर दुनिया न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि तकनीकी और सामरिक रूप से भी भरोसा कर सकती है।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
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सप्लाई चेन लचीलापन: पीएम मोदी ने कहा कि भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है और मलेशियाई कंपनियां ‘मेक इन इंडिया’ का लाभ उठा सकती हैं।
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सांस्कृतिक जुड़ाव: उन्होंने भारत और मलेशिया के सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को याद करते हुए प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच का ‘जीवित सेतु’ (Living Bridge) बताया।
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एक्ट ईस्ट पॉलिसी: यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को और अधिक सक्रिय बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रणनीतिक और आर्थिक प्रभाव
मलेशिया के साथ यह साझेदारी आसियान (ASEAN) क्षेत्र में भारत की स्थिति को और मजबूत करती है। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सहयोग के अलावा, दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा (Green Energy) और रक्षा सहयोग पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।
मलेशियाई नेतृत्व ने भी भारत की डिजिटल बुनियादी ढांचा (Digital Infrastructure) की सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि मलेशिया में UPI का आना सिंगापुर और यूएई की तरह ही एक बड़ी सफलता साबित होगा, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय फिनटेक (Fintech) के दबदबे को बढ़ाएगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी का यह मलेशिया दौरा ‘डिजिटल डिप्लोमेसी’ का एक बेहतरीन उदाहरण है। UPI का ऐलान केवल एक तकनीकी समझौता नहीं है, बल्कि यह भारत की सॉफ्ट पावर और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का विस्तार है। यह यात्रा भारत को एक डिजिटल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने और मलेशिया के साथ व्यापारिक असंतुलन को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।