
श्रीगंगानगर, 1 मार्च 2026: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण’ (PMAY-G) के तहत पक्का घर पाने के लिए आवेदन और पंजीकरण की प्रक्रिया आज, 1 मार्च को समाप्त हो रही है। श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने अंतिम दिन यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया है कि जिले का कोई भी पात्र परिवार इस जनकल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
1. अंतिम तिथि और प्रशासनिक तत्परता
जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, श्रीगंगानगर के सभी ब्लॉकों—सूरतगढ़, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, और सादुलशहर—में पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पोर्टल के बंद होने से पहले प्राप्त सभी वैध आवेदनों का सत्यापन कर उन्हें सिस्टम पर अपलोड करें।
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सर्वेक्षण का आधार: यह पंजीकरण Socio-Economic Caste Census (SECC) 2011 और बाद में जोड़े गए ‘आवास+’ सूची के आधार पर किया जा रहा है।
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अधिकारियों की ड्यूटी: विकास अधिकारियों (BDO) और ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को देर शाम तक कार्यालयों में उपस्थित रहने के आदेश दिए गए हैं ताकि तकनीकी खामियों या दस्तावेजों की कमी को तुरंत दूर किया जा सके।
2. योजना के तहत मिलने वाले लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इसके तहत लाभार्थियों को निम्नलिखित सहायता मिलती है:
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वित्तीय सहायता: मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख की सीधी सब्सिडी किस्तों में दी जाती है।
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मनरेगा का सहयोग: लाभार्थी को अपना घर बनाने के लिए मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90-95 दिनों की अकुशल मजदूरी (लगभग ₹20,000-₹25,000 अतिरिक्त) प्रदान की जाती है।
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शौचालय निर्माण: स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने के लिए अलग से ₹12,000 की सहायता दी जाती है।
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अन्य सुविधाएं: उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन का प्रावधान भी इस घर के साथ जोड़ा गया है।
3. पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
आज अंतिम दिन होने के कारण, प्रशासन ने पात्रता मानदंडों को लेकर एक बार फिर स्पष्टता जारी की है:
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पात्र कौन हैं? वे परिवार जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है, जो एक या दो कमरों के कच्चे मकान में रहते हैं, या वे जो भूमिहीन श्रमिक हैं।
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आवश्यक दस्तावेज: 1. आधार कार्ड (अनिवार्य) 2. बैंक पासबुक (सब्सिडी सीधे खाते में भेजने हेतु – DBT) 3. मनरेगा जॉब कार्ड नंबर 4. स्वच्छ भारत मिशन का पंजीकरण नंबर 5. मोबाइल नंबर और सहमति पत्र
4. पारदर्शी प्रक्रिया और जिओ-टैगिंग (Geo-Tagging)
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने ‘आवास सॉफ्ट’ मोबाइल ऐप का उपयोग अनिवार्य किया है।
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चरणबद्ध भुगतान: पहली किस्त नींव (Plinth) भरने पर, दूसरी लिंटेल स्तर पर और तीसरी छत ढलने के बाद दी जाती है।
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फोटो साक्ष्य: प्रत्येक चरण में घर की फोटो खींची जाती है और उसे लोकेशन (GPS) के साथ पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पैसा वास्तव में घर बनाने में ही खर्च हो रहा है।
5. श्रीगंगानगर जिले की प्रगति
स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, श्रीगंगानगर जिले में अब तक हजारों परिवारों को पक्के मकान आवंटित किए जा चुके हैं। इस वर्ष के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आज का दिन निर्णायक है। जिले के दूर-दराज के गांवों, विशेषकर भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में, कैंप लगाकर वंचित लोगों के नाम जोड़ने का प्रयास किया गया है।
निष्कर्ष और अपील
आज रात 12 बजे के बाद पोर्टल बंद हो सकता है। प्रशासन ने अपील की है कि यदि कोई पात्र परिवार अभी भी पंजीकरण से छूट गया है, तो वे तुरंत अपने ग्राम पंचायत कार्यालय या ई-मित्र केंद्र पर जाकर संपर्क करें। यह केवल एक घर नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन की शुरुआत है।