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पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, मुख्य तस्कर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों और श्रीगंगानगर जिला पुलिस ने एक संयुक्त और गुप्त खुफिया ऑपरेशन के तहत सीमा पार से चलाए जा रहे एक बेहद संगठित हेरोइन तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की स्थानीय सप्लाई चेन के मुख्य भारतीय सरगना को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों और भारतीय सीमाओं में फैले नशे के खुदरा विक्रेताओं के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रहा था।

ड्रोन और एनक्रिप्टेड ऐप्स से चलाया जा रहा था सिंडिकेट

प्राथमिक पूछताछ और सुरक्षा एजेंसियों के विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सीमा पार स्थित अपने आकाओं के सीधे संपर्क में था। पाकिस्तान में बैठे नशा तस्कर रात के अंधेरे में भारतीय सीमा के भीतर हेरोइन के पैकेट गिराने के लिए ‘कम-आवाज’ वाले वाणिज्यिक और सैन्य-ग्रेड ड्रोन (Drones) का उपयोग करते थे।

ड्रोन की सटीक ड्रॉप-लोकेशन और जीपीएस कोऑर्डिनेट्स शेयर करने के लिए आरोपी एनक्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विदेशी नंबरों पर एक्टिव मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता था। पैकेट की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित होने के बाद आरोपी जीपीएस लोकेशन पर पहुंचकर हेरोइन की खेप को उठाकर सुरक्षित स्थानों पर छिपा देता था।

बड़ी खेप के साथ मुख्य तस्कर हत्थे चढ़ा

सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित एक ग्रामीण क्षेत्र में सीमा पार से नशे की एक बड़ी खेप उतारी गई है और मुख्य तस्कर उसे आगे पंजाब व आसपास के इलाकों में सप्लाई करने की तैयारी में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की टीम ने संयुक्त रूप से इलाके में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

संदिग्ध अवस्था में घूम रहे मुख्य तस्कर को जब सुरक्षा बलों ने घेरकर रोका, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये मूल्य की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, कई मोबाइल फोन, फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड और नकदी जब्त की गई है।

हवाला और डिजिटल पेमेंट के जरिए वित्तीय लेन-देन

पुलिस की वित्तीय जांच शाखा इस सिंडिकेट के पीछे के आर्थिक तंत्र की भी गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि नशे के इस काले कारोबार से अर्जित पैसे को पाकिस्तान भेजने के लिए पारंपरिक ‘हवाला’ नेटवर्क के साथ-साथ कई मुखौटा (शेल) बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट वॉलेट्स का सहारा लिया जा रहा था। आरोपी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के नशा तस्करों को यह हेरोइन सप्लाई करता था और उनसे मिलने वाली राशि को अलग-अलग फर्जी खातों के माध्यम से रूट करता था।

एनडीपीएस और देशद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। चूंकि मामला सीमा पार से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती अपराध से संबंधित है, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसियां, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और सीआईडी की टीमें भी आरोपी से गहन पूछताछ कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय संपर्कों, पिक-अप ड्राइवरों और खुदरा खरीदारों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए चलाए जा रहे नशीले पदार्थों के एक बहुत बड़े गिरोह की रीढ़ टूट गई है और आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां संभव हैं।

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