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नौतपा के पहले ही दिन भट्टी की तरह तपा श्रीगंगानगर, 46 डिग्री के साथ राजस्थान में सबसे गर्म; अगले 3 दिन भीषण लू का रेड अलर्ट

श्रीगंगानगर, 25 मई 2026

राजस्थान में आज से सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही ‘नौतपा’ की शुरुआत हो गई है, और इसके पहले ही दिन सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर ने थार के मरुस्थल की तपिश का अहसास करा दिया। आज दोपहर होते-होते श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसके साथ ही यह समूचे राजस्थान में सबसे गर्म स्थान दर्ज हुआ।

आसमान से बरसती आग और धोरों से उठती गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह 10 बजे के बाद से ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा, और दोपहर के समय स्थिति पूरी तरह ‘कर्फ्यू’ जैसी नजर आई।

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी और बढ़ेगा पारा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आ रही शुष्क और अत्यधिक गर्म हवाओं के कारण अगले दो से तीन दिनों में श्रीगंगानगर का पारा 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार:

  • भीषण लू (Severe Heatwave): आने वाले 72 घंटों में रात और दिन दोनों के तापमान में बढ़ोतरी होगी, जिससे ‘तपती रातें’ लोगों की मुश्किलें और बढ़ाएंगी।

  • अंधड़ की संभावना: अत्यधिक गर्मी के कारण स्थानीय स्तर पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से शाम के समय धूल भरी तेज हवाएं या अंधड़ चलने की भी आशंका है।

‘नौतपा’ का पहला दिन: सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जनजीवन थमा

हिंदू पंचांग और मौसम विज्ञान के पारंपरिक अनुमानों के अनुसार, नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है। आज इसके पहले ही दिन श्रीगंगानगर के मुख्य बाजारों—जैसे गोल बाजार, सुखाड़िया सर्कल और रविंद्र रंगमंच रोड—पर दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच आवाजाही न के बराबर रही।

भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग घरों और दफ्तरों में कैद रहने को मजबूर हैं। जो लोग मजबूरी में बाहर निकल रहे हैं, वे खुद को पूरी तरह सूती कपड़ों, गमछे और चश्मे से ढककर सफर कर रहे हैं। दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि हवा के थपेड़े शरीर को झुलसा रहे हैं।

प्रशासन मुस्तैद: पेयजल और बिजली पर विशेष नजर

तापमान के 46 डिग्री पार जाने के बाद जिला प्रशासन ने भी आपातकालीन बैठक बुलाई है। बिजली और पानी की भारी मांग को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  1. अस्पतालों में ‘हीटस्ट्रोक वार्ड’: जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में हीटस्ट्रोक (लू लगना) के मरीजों के लिए विशेष वार्ड आरक्षित किए गए हैं, जहां ओआरएस (ORS) और जरूरी दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।

  2. बिजली कटौती पर रोक: डिस्कॉम को निर्देश दिए गए हैं कि दोपहर के समय तकनीकी खराबी के अलावा कोई अघोषित बिजली कटौती न की जाए, ताकि लोगों को कूलर्स और एसी (AC) के जरिए राहत मिल सके।

  3. पेयजल की निर्बाध आपूर्ति: जलदाय विभाग को प्रभावित कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।

डॉक्टरों की सलाह: दोपहर में निकलने से बचें

बढ़ते पारे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। पीएमओ (PMO) के अनुसार, इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

बचाव के मुख्य उपाय:

  • दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।

  • खाली पेट बाहर न जाएं; पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या आम का पन्ना पीकर ही निकलें।

  • चक्कर आने, उल्टी होने या तेज सिरदर्द होने पर इसे सामान्य थकान न समझें, यह हीटस्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

आने वाले एक हफ्ते तक श्रीगंगानगर वासियों को इस भीषण तपिश से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। अब सभी की निगाहें प्री-मानसून की गतिविधियों पर टिकी हैं, लेकिन फिलहाल ‘नौतपा’ के तेवर बेहद तल्ख बने हुए हैं।

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