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दबंगई: अवैध शराब का वीडियो बनाने पर युवक को दी तालिबानी सजा

श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर में शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब उन्हें कानून और प्रशासन का कोई डर नहीं रहा। सूरतगढ़ रोड स्थित नई धानमंडी के पास एक युवक द्वारा अवैध शराब की बिक्री का विरोध करने और उसका वीडियो बनाने पर माफियाओं ने न केवल उसे बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे बंधक बनाकर अमानवीय व्यवहार भी किया। 29 जनवरी को सामने आई मेडिकल और पुलिस रिपोर्ट ने इस घटना की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

घटना की पृष्ठभूमि: ‘ड्राई डे’ पर उड़ रही थी नियमों की धज्जियां

वाकया 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) का है। राष्ट्रीय पर्व होने के कारण पूरे प्रदेश में ‘ड्राई डे’ घोषित था, यानी शराब की आधिकारिक दुकानों को बंद रखने के आदेश थे। इसके बावजूद, नई धानमंडी के पास कुछ असामाजिक तत्व और शराब माफिया अवैध रूप से शराब की बिक्री कर रहे थे। क्षेत्र के एक जागरूक युवक ने जब इस अवैध गतिविधि को देखा, तो उसने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसे रोकने का प्रयास किया। जब माफिया नहीं माने, तो युवक ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरी अवैध बिक्री का वीडियो बनाना शुरू कर दिया ताकि वह पुलिस को सबूत दे सके।

बंधक बनाकर मारपीट और डेटा नष्ट करना

जैसे ही शराब माफियाओं की नजर युवक पर पड़ी, वे आगबबूला हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 4-5 दबंगों ने युवक को घेर लिया और उसे घसीटते हुए एक सुनसान जगह पर ले गए। वहां युवक को बंधक बना लिया गया और उसके साथ लात-घूसों व डंडों से जमकर मारपीट की गई।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने युवक का मोबाइल छीन लिया। पकड़े जाने के डर से माफियाओं ने युवक के मोबाइल को अनलॉक करवाया और अवैध शराब बिक्री से जुड़े तमाम वीडियो और साक्ष्य (डेटा) डिलीट कर दिए। युवक को घंटों तक डराया-धमकाया गया और जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घायल युवक ने किसी तरह अपने परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। आज इस मामले में सदर थाना पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवक का मेडिकल मुआयना करवाया है, जिसमें शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।

  • दर्ज धाराएं: पुलिस ने मारपीट, बंधक बनाने, मोबाइल छीनने और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

  • जांच का दायरा: पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उन संदिग्धों की पहचान कर रही है जो ‘ड्राई डे’ के दिन उस इलाके में सक्रिय थे।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद नई धानमंडी और सूरतगढ़ रोड के व्यापारियों और निवासियों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री इस क्षेत्र में आम बात हो गई है और पुलिस की गश्त न होने के कारण अपराधियों के मन से भय निकल चुका है। लोगों ने मांग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अवैध शराब के अड्डों को स्थायी रूप से बंद किया जाए।

निष्कर्ष

यह घटना प्रशासन के लिए एक चुनौती है। एक तरफ सरकार ‘नशामुक्त राजस्थान’ का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ नशा माफियाओं का विरोध करने वाले आम नागरिकों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। अब सबकी नजरें सदर थाना पुलिस पर टिकी हैं कि वे कब तक इन रसूखदार माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजते हैं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️