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खेती की नई राह: श्रीगंगानगर में ‘ग्राम रथ अभियान’ का शंखनाद, किसानों के द्वार पहुंचेगी आधुनिक तकनीक

श्रीगंगानगर। कृषि प्रधान जिला श्रीगंगानगर, जिसे ‘राजस्थान का धान का कटोरा’ कहा जाता है, आज एक नए कृषि सुधार के साक्षी के रूप में उभरा है। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM 2026) के तत्वावधान में आज जिले में ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया गया। जिला मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए ये रथ जिले की प्रत्येक तहसील और दूर-दराज के गांवों तक पहुंचेंगे, ताकि खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सके।

क्या है ‘ग्राम रथ अभियान’?

‘ग्राम रथ’ एक चलता-फिरता कृषि सूचना केंद्र है। यह केवल एक वाहन नहीं, बल्कि ज्ञान का वह भंडार है जो सीधे उन किसानों तक पहुंच रहा है, जिन्हें अक्सर नई तकनीक की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। 27 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ यह अभियान अगले 15 दिनों तक निरंतर जारी रहेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती और भविष्य की ‘स्मार्ट फार्मिंग’ के बीच की दूरी को पाटना है।

अभियान के मुख्य आकर्षण और सेवाएं

ग्राम रथों को आधुनिक ऑडियो-विजुअल उपकरणों से लैस किया गया है। इन रथों के माध्यम से किसानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं:

  1. आधुनिक कृषि तकनीक: कम पानी में अधिक पैदावार कैसे ली जाए, इसके लिए ‘ड्रिप इरिगेशन’ और ‘स्प्रिंकलर सिस्टम’ के फायदों को समझाया जा रहा है।

  2. फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण): किसानों को सिखाया जा रहा है कि कैसे वे अपनी उपज (जैसे किन्नू, सरसों और गेंहू) को कच्चा बेचने के बजाय उसे प्रोसेस करके ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं।

  3. मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card): विशेषज्ञों की टीम किसानों को मिट्टी की जांच कराने और उसके अनुसार ही खाद-बीज का चयन करने के लिए प्रेरित कर रही है।

  4. सरकारी योजनाओं का लाभ: पीएम-किसान, फसल बीमा योजना और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी मौके पर ही दी जा रही है।

‘सुझाव पेटी’: सरकार और किसान के बीच सीधा संवाद

इस अभियान की सबसे अनूठी विशेषता प्रत्येक रथ में रखी गई ‘सुझाव पेटी’ है। अक्सर यह देखा जाता है कि नीतियां एयर-कंडीशन कमरों में बनती हैं और धरातल की चुनौतियां अलग होती हैं। इस पेटी के माध्यम से किसान सीधे अपनी समस्याओं, सिंचाई की दिक्कतों और खेती को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव सरकार तक भेज सकेंगे। इन सुझावों को संकलित कर आगामी एग्रीटेक मीट की मुख्य कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।

किसानों में उत्साह का माहौल

अभियान के पहले ही दिन पदमपुर, रायसिंहनगर और सादुलशहर के गांवों में किसानों का भारी उत्साह देखने को मिला। प्रगतिशील किसानों का मानना है कि इस तरह के सीधे संवाद से तकनीक का डर खत्म होता है।

“हमें अक्सर पता नहीं होता कि किस मशीनरी पर कितनी छूट मिल रही है या नई किस्म के बीज कहाँ से मिलेंगे। ग्राम रथ हमारे घर तक जानकारी ला रहा है, यह हमारे लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।” – हरनाम सिंह, स्थानीय किसान

प्रशासनिक दृष्टिकोण और लक्ष्य

जिला कृषि उप-निदेशक ने बताया कि श्रीगंगानगर की मिट्टी और जलवायु विशिष्ट है। यहाँ नहरी पानी और भू-जल का संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती है। ग्राम रथों के जरिए हम किसानों को ‘सटीक कृषि’ (Precision Farming) की ओर ले जाना चाहते हैं। लक्ष्य यह है कि इन 15 दिनों में जिले के कम से कम 50,000 किसानों तक सीधी पहुंच बनाई जा सके।

भविष्य की ओर एक कदम

GRAM 2026 के तहत चलाया जा रहा यह अभियान राजस्थान को कृषि के क्षेत्र में एक ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। श्रीगंगानगर से शुरू हुई यह लहर यदि सफल रहती है, तो यह न केवल किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार साबित होगी, बल्कि युवाओं को भी कृषि आधारित स्टार्टअप्स की ओर प्रेरित करेगी।

आज जब खेती पर जलवायु परिवर्तन का साया है, तब ‘ग्राम रथ’ जैसे प्रयास किसानों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आए हैं। सरकार की यह पहल सुनिश्चित करेगी कि ‘अन्नदाता’ अब सूचनाओं के अभाव में पिछड़ेगा नहीं, बल्कि तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा।

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