
केसरीसिंहपुर (श्रीगंगानगर)। श्रीगंगानगर जिले के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। सड़क पर अचानक आए एक बेसहारा सांड से टकराने के कारण मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठा उसका भांजा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े।
हादसे का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम जब अंधेरा गहराने लगा था, तब एक व्यक्ति अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर केसरीसिंहपुर की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोटरसाइकिल की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान अचानक सड़क के बीचों-बीच एक सांड आ गया।
बाइक सवार ने ब्रेक लगाकर बचने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधे सांड से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार उछलकर सड़क से कई फीट दूर जा गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
भांजे की हालत नाजुक
हादसे में मृतक का भांजा, जो बाइक पर पीछे बैठा था, बुरी तरह घायल हो गया। उसे शरीर के कई हिस्सों में फ्रैक्चर और आंतरिक चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही केसरीसिंहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और राहगीरों की मदद से घायल युवक को तुरंत स्थानीय राजकीय अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे श्रीगंगानगर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है, जहाँ वह फिलहाल जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
आवारा पशुओं का आतंक और सड़क सुरक्षा
यह कोई पहली बार नहीं है जब श्रीगंगानगर जिले में बेसहारा पशुओं की वजह से किसी की जान गई हो। केसरीसिंहपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लिंक रोड से लेकर मुख्य राजमार्गों तक आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
ग्रामीणों का आक्रोश: > स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को बार-बार सूचित करने के बावजूद सड़कों से आवारा सांडों और गायों को हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। खासकर रात के समय बिना स्ट्रीट लाइट वाली सड़कों पर ये पशु ‘काल’ बनकर सामने आते हैं।
पुलिस की कार्रवाई
केसरीसिंहपुर थाना पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया है। शनिवार सुबह परिजनों के पहुँचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
सावधानी ही बचाव है
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि तेज रफ्तार किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती है।
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सीमित गति: ग्रामीण इलाकों और मोड़ों पर हमेशा अपनी गति कम रखें।
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हेलमेट का प्रयोग: यदि चालक ने उच्च गुणवत्ता वाला हेलमेट पहना होता, तो सिर की चोट से बचा जा सकता था।
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सतर्कता: रात के समय हाई-बीम लाइट का सही प्रयोग करें ताकि सड़क पर बैठे पशु दूर से दिखाई दे सकें।
यह हादसा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।