🢀
अनोखा ‘किन्नू महाकुंभ’: श्रीगंगानगर में खेती और तकनीक का संगम

राजस्थान के ‘अन्न भंडार’ कहे जाने वाले श्रीगंगानगर में 6 जनवरी के आसपास एक अनूठा आयोजन चर्चा का विषय बना रहा। राज्य सरकार की ‘पंच गौरव योजना’ के तहत जिले में तीन दिवसीय किन्नू महाकुंभ का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल किसानों के लिए था, बल्कि इसने शहर को एक उत्सव का रूप दे दिया।

इस खबर में क्या है खास?

श्रीगंगानगर का किन्नू (Citrus Fruit) पूरे देश में मशहूर है, लेकिन इस बार का महाकुंभ कुछ अलग था:

  • स्मार्ट फार्मिंग का प्रदर्शन: इस उत्सव में पहली बार इजरायली तकनीक और आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणालियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। किसानों को सिखाया गया कि कैसे कम पानी में भी किन्नू की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर (Export Quality) का बनाया जा सकता है।

  • किन्नू से बने अनोखे उत्पाद: महाकुंभ में केवल फल ही नहीं, बल्कि किन्नू से बने हस्तनिर्मित सौंदर्य उत्पाद, ऑर्गेनिक खाद और विशेष प्रकार के ‘किन्नू टी’ (Citrus Tea) के स्टॉल्स लगाए गए, जिसने युवाओं और उद्यमियों को अपनी ओर आकर्षित किया।

  • ड्रोन से छिड़काव की ट्रेनिंग: सरहदी इलाका होने के कारण यहाँ सुरक्षा सख्त रहती है, लेकिन प्रशासन के विशेष सहयोग से किसानों को कृषि कार्यों के लिए ड्रोन के उपयोग का लाइव डेमो दिया गया।

प्रशासन का विजन

जिला कलेक्टर ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे ‘खेती से खुशहाली’ का मार्ग बताया। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को खत्म कर किसानों को सीधे बड़े बाजारों और प्रोसेसिंग यूनिट्स से जोड़ना था। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों किसानों की भागीदारी ने इस आयोजन को एक मिसाल बना दिया।

नोट: जहाँ एक ओर जिला ठंड और नहरबंदी की चुनौतियों से जूझ रहा था, वहीं इस ‘किन्नू महाकुंभ’ ने किसानों के चेहरों पर उम्मीद की मुस्कान बिखेरी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️