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अनूपगढ़ नगरपालिका में ACB का ट्रैप: रिश्वतखोरों का ‘सिंडिकेट’ बेनकाब

अनूपगढ़/श्रीगंगानगर: शनिवार, 31 जनवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बीकानेर और श्रीगंगानगर टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अनूपगढ़ नगरपालिका में भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ब्यूरो ने नगरपालिका के सहायक लेखाधिकारी (AAO), स्टोरकीपर और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को ₹48,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।


1. शिकायत और जाल (The Complaint and Trap)

यह पूरी कार्रवाई एक स्थानीय ठेकेदार/फर्म संचालक की शिकायत पर आधारित थी। शिकायतकर्ता ने ACB को बताया कि उसकी फर्म द्वारा नगरपालिका में किए गए कार्यों के बिल लंबे समय से लंबित थे। इन बिलों को पास करने और भुगतान जारी करने के एवज में नगरपालिका के कर्मचारी बार-बार कमीशन की मांग कर रहे थे।

  • मांग: आरोपियों ने कुल बिल राशि का एक निश्चित प्रतिशत कमीशन के रूप में मांगा था।

  • सत्यापन: शिकायत मिलने के बाद ACB ने गुप्त रूप से मांग का सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद जाल बिछाया गया।

2. रंगे हाथों गिरफ्तारी (Red-Handed Arrest)

योजना के अनुसार, शनिवार को जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि लेकर नगरपालिका कार्यालय पहुंचा और चिन्हित कर्मचारियों को पैसे दिए, पहले से घात लगाकर बैठी ACB की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

  • गिरफ्तार आरोपी: 1. सहायक लेखाधिकारी (AAO): जो वित्तीय मंजूरी का मुख्य अधिकारी था। 2. स्टोरकीपर: जो सामान की एंट्री और रिकॉर्ड के लिए जिम्मेदार था। 3. कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा/स्थायी): जो फाइलों की प्रोसेसिंग देख रहा था।

  • बरामदगी: आरोपियों के पास से रिश्वत के ₹48,000 बरामद किए गए। टीम ने उनके हाथों को रासायनिक घोल से धुलवाया, तो उनका रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण है।

3. ‘भ्रष्टाचार का सिंडिकेट’: सामूहिक वसूली

इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें निचले स्तर के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक शामिल थे। यह स्पष्ट करता है कि नगरपालिका में बिना ‘सुविधा शुल्क’ दिए काम होना लगभग असंभव हो गया था। ACB अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस राशि का कोई हिस्सा उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचता था।

4. प्रशासनिक हड़कंप और भविष्य की कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान नगरपालिका कार्यालय में सन्नाटा पसर गया और कई कर्मचारी अपनी सीटें छोड़कर चले गए। ACB की टीम अब गिरफ्तार आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों की तलाशी ले रही है ताकि उनकी आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।

  • FIR दर्ज: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

  • संदेश: ACB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगना अपराध है और आम जनता बिना डरे इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर (1064) पर कर सकती है।


निष्कर्ष: सिस्टम की सफाई की जरूरत

अनूपगढ़ की यह घटना एक सबक है कि तकनीक और पारदर्शिता के दावों के बावजूद, सरकारी दफ्तरों में जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। ऐसी कार्रवाइयां न केवल ईमानदार ठेकेदारों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के मन में कानून का डर भी पैदा करती हैं।

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