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🩸 किडनी के दुश्मन: रोज़मर्रा की 5 खतरनाक आदतें और यूरिक एसिड कम करने के आसान उपाय

नई दिल्ली। (दिनांक: 29 अक्टूबर 2025)

आधुनिक जीवनशैली और अनियंत्रित खान-पान के कारण भारत में किडनी (गुर्दे) से संबंधित बीमारियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हमारी रोज़मर्रा की कुछ सामान्य आदतें सीधे हमारे गुर्दों को नुकसान पहुंचा रही हैं, जो चुपचाप शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग को फेल कर सकती हैं।

किडनी हमारे शरीर में फिल्टर की तरह काम करती है, जो रक्त से हानिकारक पदार्थों, अतिरिक्त तरल पदार्थ और अपशिष्ट (जैसे यूरिक एसिड) को छानकर बाहर निकालती है। जब हमारी लाइफस्टाइल खराब होती है, तो यह फिल्टरिंग प्रक्रिया बाधित हो जाती है।

 

⚠️ किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली 5 सबसे खतरनाक आदतें

 

विशेषज्ञों ने उन पाँच प्रमुख आदतों की पहचान की है जिनसे तत्काल बचना चाहिए:

  1. ज़रूरत से कम पानी पीना: शरीर को पर्याप्त पानी न मिलने पर किडनी को रक्त को फिल्टर करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे किडनी में पथरी बनने और गंभीर डीहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
  2. दर्द निवारक (Painkillers) का अत्यधिक सेवन: डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं, विशेष रूप से नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), किडनी के ऊतकों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  3. अत्यधिक नमक (सोडियम) का सेवन: ज़्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है। उच्च रक्तचाप किडनी की बीमारी का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।
  4. पर्याप्त नींद न लेना: नींद की कमी से किडनी के कार्य को नियंत्रित करने वाले हार्मोनल चक्र बाधित होते हैं। यह उच्च रक्तचाप और मधुमेह के खतरे को बढ़ाता है, जो किडनी फेल्योर के प्रमुख कारण हैं।
  5. पेशाब को लंबे समय तक रोके रखना: इससे मूत्राशय पर दबाव बढ़ता है और बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है, जो मूत्र मार्ग से किडनी तक फैलकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है।

 

🍋 यूरिक एसिड कम करने और किडनी को स्वस्थ रखने के समाधान

 

किडनी को स्वस्थ रखने और शरीर से हानिकारक यूरिक एसिड (जो जोड़ों में दर्द और गाउट का कारण बनता है) को प्रभावी ढंग से बाहर निकालने के लिए आहार और तरल पदार्थों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है:

  • नींबू पानी: नींबू में मौजूद सिट्रेट किडनी में पथरी बनने से रोकता है और यूरिक एसिड को घोलने में मदद करता है।
  • सब्जियों का जूस: चुकंदर, गाजर और खीरे का जूस एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो किडनी के कार्य को सुधारता है और सूजन को कम करता है।
  • हर्बल चाय (जैसे हिबिस्कस या कैमोमाइल): ये चाय मूत्रवर्धक (Diuretic) होती हैं, जो मूत्र के उत्पादन को बढ़ाकर विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं।
  • पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ: केले और पालक जैसे खाद्य पदार्थ सोडियम के नकारात्मक प्रभावों को संतुलित करने में मदद करते हैं।

किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इन बुरी आदतों को त्यागना और इन प्राकृतिक पेय पदार्थों को दिनचर्या में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️