🢀
🍹 लिवर को ‘डिटॉक्स’ करने का ट्रेंड: फैटी लिवर को दूर करने में घरेलू ड्रिंक्स कितने सहायक?

आधुनिक जीवनशैली में फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) की बढ़ती समस्या ने लिवर स्वास्थ्य (Liver Health) को चर्चा का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके चलते, बाज़ार में और घरों में लिवर डिटॉक्स ड्रिंक्स (Liver Detox Drinks) की माँग तेज़ी से बढ़ी है, जिनमें प्राकृतिक और हर्बल तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट भी अब कुछ घरेलू ड्रिंक्स को लिवर के कार्य को सुधारने में सहायक मानते हैं।

 

फैटी लिवर और डिटॉक्स ड्रिंक्स का महत्व

 

फैटी लिवर वह स्थिति है जब लिवर की कोशिकाओं में वसा (Fat) जमा होने लगती है। इसका सबसे आम कारण खराब आहार, मोटापा और शराब का अत्यधिक सेवन है।

  • ड्रिंक की भूमिका: डिटॉक्स ड्रिंक्स, जैसे कि आंवला, हल्दी, नींबू या करेले का जूस, लिवर को सीधे ठीक नहीं करते, बल्कि ये अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुणों से भरपूर होते हैं, जो लिवर में सूजन को कम करने और ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने में सहायक हो सकते हैं।
  • कार्यक्षमता में सुधार: ये ड्रिंक्स पाचन में सुधार कर सकते हैं, जिससे लिवर का काम आसान हो जाता है, और यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाता है।

 

सबसे प्रभावी घरेलू डिटॉक्स ड्रिंक्स

 

विशेषज्ञों द्वारा अक्सर निम्नलिखित ड्रिंक्स को लिवर स्वास्थ्य के लिए अनुशंसित किया जाता है:

डिटॉक्स ड्रिंक प्रमुख लाभ
हल्दी-नींबू पानी हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी है; नींबू विटामिन सी देता है।
आंवला का जूस विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट का भंडार, जो लिवर की कोशिकाओं को क्षति से बचाता है।
करेला और खीरा जूस मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को सुधारने में सहायक है, जिससे वसा का जमाव कम हो सकता है।
ग्रीन टी इसमें कैटेचिन होते हैं, जो लिवर एंजाइम के स्तर को सुधारने में सहायक होते हैं।

 

विशेषज्ञों की कड़ी चेतावनी: ‘जादुई इलाज’ न मानें

 

डिटॉक्स ड्रिंक्स की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद, डॉक्टर एक महत्वपूर्ण चेतावनी दे रहे हैं: इन ड्रिंक्स को फैटी लिवर का ‘जादुई इलाज’ (Magic Cure) नहीं मानना चाहिए।

“कोई भी घरेलू ड्रिंक शराब के अत्यधिक सेवन या खराब आहार की भरपाई नहीं कर सकती। फैटी लिवर के उपचार की नींव हमेशा जीवनशैली में बदलाव होती है, न कि कोई विशिष्ट जूस,” एक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने स्पष्ट किया।

जीवनशैली में सबसे प्रभावी बदलाव:

  • शराब से परहेज़: यदि फैटी लिवर का कारण शराब है, तो इसका सेवन तुरंत और पूरी तरह से बंद करना सबसे ज़रूरी कदम है।
  • वज़न प्रबंधन: शरीर के वजन को नियंत्रित करना, विशेषकर बेली फैट कम करना, लिवर से फैट हटाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
  • संतुलित आहार: शर्करा (Sugar), प्रोसेस्ड फूड और अस्वस्थ वसा (Unhealthy Fats) का सेवन कम करना अनिवार्य है।

निष्कर्ष यह है कि डिटॉक्स ड्रिंक्स सहायक हैं, बशर्ते वे एक व्यापक और स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हों। वे मुख्य इलाज का स्थान नहीं ले सकते।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️