
हालिया स्वास्थ्य शोधों और विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार, हमारी आधुनिक जीवनशैली (Modern Lifestyle) चुपचाप हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचा रही है: सर्कैडियन रिदम (Circadian Rhythm)। यह हमारे शरीर की आंतरिक, प्राकृतिक 24 घंटे की घड़ी है, जो हमें बताती है कि कब जागना है, कब सोना है, और कब हमारे हार्मोन (Hormones) को सक्रिय होना है। जब यह घड़ी बिगड़ती है, तो इसका सीधा असर हमारी नींद, ऊर्जा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
सर्कैडियन रिदम और इसका कार्य
सर्कैडियन रिदम एक मास्टर कंट्रोलर के रूप में काम करता है, जो लगभग सभी शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है:
- सोने-जागने का चक्र: यह मेलाटोनिन (Melatonin) हार्मोन को नियंत्रित करता है, जो हमें बताता है कि कब सोना है और कब जागना है।
- पाचन: यह तय करता है कि भोजन को कब पचाना है और पोषक तत्वों को अवशोषित करना है।
- शारीरिक तापमान: यह दिन भर शरीर के तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव को भी नियंत्रित करता है।
आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न समस्याएँ
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग की आदतें और अनियमित दिनचर्या इस प्राकृतिक घड़ी को बिगाड़ने का मुख्य कारण हैं:
- नीली रोशनी (Blue Light): देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन देखना सबसे बड़ा खलनायक है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी दिमाग को संकेत देती है कि अभी दिन है, जिससे नींद आने वाला हार्मोन मेलाटोनिन दब जाता है।
- अनियमित भोजन: देर रात को भारी भोजन करना या अनियमित समय पर स्नैक्स लेना पाचन संबंधी सर्कैडियन रिदम को बिगाड़ता है, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब होती है।
- अनिश्चित दिनचर्या: वीकेंड पर देर तक सोना और सप्ताह के दौरान जल्दी उठना, जिसे ‘सोशल जेट लैग’ कहा जाता है, शरीर को लगातार भ्रमित रखता है।
गंभीर स्वास्थ्य परिणाम
सर्कैडियन रिदम में बाधा केवल थकान या नींद न आने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दीर्घकालिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं:
- अनिद्रा और थकान: यह सीधे तौर पर अनिद्रा (Insomnia) का कारण बनता है, जिससे दिन भर ऊर्जा की कमी महसूस होती है।
- मेटाबॉलिक रोग: यह इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को बढ़ा सकता है, जिससे मधुमेह (Diabetes) और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है।
- मानसिक स्वास्थ्य: बाधित नींद चक्र अवसाद (Depression) और चिंता (Anxiety) जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाता है।
विशेषज्ञ सलाह: रिदम को कैसे ठीक करें
विशेषज्ञों ने सर्कैडियन रिदम को प्राथमिकता देने के लिए निम्नलिखित सरल कदम उठाने की सलाह दी है:
- सुबह की रोशनी: जागने के तुरंत बाद 10-15 मिनट के लिए प्राकृतिक रोशनी (धूप) के संपर्क में आएं। यह आपके दिमाग को जागने का स्पष्ट संकेत देता है।
- ‘स्क्रीन कर्फ्यू’: सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी डिजिटल स्क्रीनों से दूरी बनाएँ।
- नियमित समय: हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएँ, वीकेंड पर भी।
यह छोटे बदलाव करके हम अपने शरीर की प्राकृतिक घड़ी को दुरुस्त कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।