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पोस्ट-दिवाली डिटॉक्स: त्योहार की थकान और भारीपन से ऐसे पाएं छुटकारा, कठोर डाइटिंग की नहीं है जरूरत

नई दिल्ली: दिवाली, खुशियों और पकवानों का त्योहार, समाप्त हो चुका है। लेकिन मिठाइयाँ, तले हुए स्नैक्स और देर रात की पार्टियों का असर अक्सर शरीर पर भारीपन, सुस्ती और थकान के रूप में दिखाई देता है। अब जबकि उत्सव का खुमार उतर चुका है, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पोषणविदों ने ‘पोस्ट-दिवाली डिटॉक्स’ (Post-Diwali Detox) पर जोर देना शुरू कर दिया है ताकि शरीर को उसकी सामान्य लय में वापस लाया जा सके। अच्छी खबर यह है कि इसके लिए किसी भी कठोर या फैड डाइटिंग की आवश्यकता नहीं है।

कठोर डाइटिंग से बचें:

पोषण विशेषज्ञ डॉ. अंजलि गुप्ता (काल्पनिक नाम) ने सलाह दी है कि त्योहार के तुरंत बाद क्रैश डाइटिंग या अत्यधिक व्यायाम शुरू करने से बचें। उन्होंने कहा, “शरीर पहले से ही ओवरलोड है; अचानक कठोरता उसे तनाव में डाल सकती है। डिटॉक्स का अर्थ है शरीर को धीरे-धीरे उसकी प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया में मदद करना, न कि उसे दंडित करना।”

दैनिक दिनचर्या में शामिल करें ये आसान टिप्स:

एक्सपर्ट्स ने कुछ साधारण, लेकिन प्रभावी आदतें बताई हैं जिन्हें अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करके भारीपन और सुस्ती को दूर किया जा सकता है:

  1. गर्म पानी की शक्ति: अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गर्म पानी या नींबू पानी से करें। यह पाचन तंत्र को किकस्टार्ट करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है।
  2. काढ़े और हर्बल चाय: दिन भर में अदरक, हल्दी, काली मिर्च और तुलसी से बने घर के काढ़े या हर्बल चाय का सेवन बढ़ा दें। ये पेय पदार्थ एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं और पाचन को सुधारने के साथ-साथ प्रतिरक्षा (Immunity) को भी बढ़ावा देते हैं।
  3. प्रोसेस्ड फूड से पूरी दूरी: मिठाई, नमकीन, सोडा और पैकेज्ड जूस जैसे प्रोसेस्ड और शक्करयुक्त खाद्य पदार्थों से अगले 7 से 10 दिनों तक पूरी तरह दूरी बना लें। इसकी जगह ताज़े फल, सब्ज़ियां, दालें और साबुत अनाज खाएं।
  4. पाचन को दें आराम: कोशिश करें कि अपना आखिरी भोजन (रात का खाना) सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले कर लें। हल्का और सुपाच्य भोजन लेने से लिवर और पाचन तंत्र को आराम मिलता है।

फेफड़ों की सफाई और तनाव प्रबंधन:

दिवाली के दौरान बढ़े प्रदूषण और पटाखों के धुएं को देखते हुए, फेफड़ों को शुद्ध करने पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की गई है। इसके लिए योग और प्राणायाम को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे श्वास अभ्यास फेफड़ों की क्षमता में सुधार करते हैं और शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे थकान कम होती है।

इन सरल डिटॉक्स आदतों का पालन करके, आप बिना किसी तनाव के त्योहार के प्रभाव को दूर कर सकते हैं और ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं।

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