
नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में, जहाँ हमारी दुनिया लैपटॉप की स्क्रीन और स्मार्टफोन के इर्द-गिर्द सिमट गई है, एक नई शारीरिक समस्या ने महामारी का रूप ले लिया है— ‘पीठ और कमर का दर्द’। इस समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फिटनेस गुरुओं ने 16 फरवरी, 2026 को एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत की है, जिसे ‘8 मिनट एक्सरसाइज’ (The 8-Minute Routine) नाम दिया गया है। यह अभियान विशेष रूप से उन कामकाजी युवाओं और छात्रों को लक्षित करता है जो दिन के 8 से 10 घंटे बैठकर बिताते हैं।
समस्या की जड़: सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग (Sitting is the New Smoking)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सेडेंटरी लाइफस्टाइल’ यानी गतिहीन जीवनशैली आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती है। जब हम लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते हैं, तो हमारी रीढ़ की हड्डी (Spine) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियों में जकड़न पैदा होती है और रक्त संचार धीमा हो जाता है। धीरे-धीरे यह समस्या स्लिप डिस्क, साइटिका और क्रॉनिक बैक पेन में बदल जाती है।
क्या है ‘8 मिनट एक्सरसाइज’ अभियान?
यह कोई भारी-भरकम वर्कआउट प्लान नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक रूप से डिजाइन की गई स्ट्रेचिंग का एक सेट है। इस अभियान का मूल मंत्र है— “कम समय, अधिकतम लाभ”। विशेषज्ञों ने इस 8 मिनट की दिनचर्या को तीन मुख्य भागों में बांटा है:
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वार्म-अप और स्पाइनल मोबिलिटी (2 मिनट): इसमें गर्दन और कंधों के सूक्ष्म व्यायाम शामिल हैं जो रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से को सक्रिय करते हैं।
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टारगेटेड स्ट्रेचिंग (4 मिनट): इसमें ‘कैट-काऊ स्ट्रेच’, ‘कोबरा पोज’ और ‘चाइल्ड पोज’ जैसी सरल योग मुद्राओं का समावेश है, जो पीठ के निचले हिस्से (Lower Back) की मांसपेशियों को लचीला बनाती हैं।
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कोर एक्टिवेशन (2 मिनट): पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए हल्की प्लैंक या पेल्विक टिल्ट एक्सरसाइज, जो रीढ़ को बेहतर सपोर्ट प्रदान करती हैं।
शोध के चौंकाने वाले परिणाम
इस अभियान की शुरुआत से पहले किए गए एक शोध के अनुसार, जिन लोगों ने लगातार 21 दिनों तक सुबह उठकर केवल यह 8 मिनट की स्ट्रेचिंग की, उनकी रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में 40% तक का सुधार देखा गया। शोध यह भी बताता है कि यह छोटी सी रूटीन शरीर में ‘एंडोर्फिन’ नामक हार्मोन रिलीज करती है, जो न केवल दर्द कम करता है बल्कि मानसिक एकाग्रता (Focus) को भी बढ़ाता है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड और विशेषज्ञों की राय
16 फरवरी को लॉन्च होते ही इंस्टाग्राम और ट्विटर पर #8MinBackCare ट्रेंड करने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों के पास जिम जाने के लिए घंटों नहीं हैं, लेकिन 8 मिनट हर कोई निकाल सकता है। डॉ. समीर गुप्ता (वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट) के अनुसार, “सुबह की यह स्ट्रेचिंग रात भर की जकड़न को खोलती है और पूरे दिन के लिए शरीर को एक ‘नेचुरल पोस्चर’ में रखती है।”
सावधानियां और सुझाव
हालांकि यह एक्सरसाइज सरल है, लेकिन विशेषज्ञों ने कुछ सुझाव भी दिए हैं:
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जल्दबाजी न करें: प्रत्येक स्ट्रेच को धीरे-धीरे करें और सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें।
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खाली पेट: सबसे अच्छे परिणाम के लिए इसे सुबह खाली पेट करना चाहिए।
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निरंतरता: लाभ तभी मिलेगा जब इसे बिना किसी नागा के हर रोज किया जाए।
निष्कर्ष
‘8 मिनट एक्सरसाइज’ अभियान केवल एक फिटनेस ट्रेंड नहीं, बल्कि आधुनिक समय की जरूरत है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा शरीर गति करने के लिए बना है, स्थिर रहने के लिए नहीं। यदि आप भी घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं और शाम होते-होते आपकी पीठ जवाब देने लगती है, तो यह 8 मिनट आपकी जिंदगी और सेहत बदल सकते हैं।