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🥶 सर्दी में हृदय स्वास्थ्य की सुरक्षा: दिल के दौरे के जोखिम को कम करने के लिए विशेषज्ञ गाइडलाइन

जैसे-जैसे सर्दियों का मौसम दस्तक दे रहा है और तापमान में गिरावट आ रही है, हृदय रोगों (Heart Diseases) से पीड़ित लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ठंडे मौसम के दौरान दिल के दौरे (Heart Attack) और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस जोखिम में वृद्धि का मुख्य कारण शरीर की जैविक प्रतिक्रिया है: ठंड का मौसम रक्तचाप (Blood Pressure) को बढ़ा सकता है और रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण (Vasoconstriction) कर सकता है, जिससे हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए, हृदय रोगियों के लिए विशेषज्ञों की सलाह और देखभाल के सुझावों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।


हृदय रोगियों के लिए 3 आवश्यक देखभाल सुझाव

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हृदय रोगियों को ठंड के मौसम में अपने स्वास्थ्य की प्रभावी ढंग से सुरक्षा करने के लिए निम्नलिखित तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है:

1. खुद को पूरी तरह से गर्म रखें

 

ठंड से बचाव शरीर को आंतरिक रूप से गर्म रखने और रक्त वाहिकाओं के संकीर्ण होने को रोकने का सबसे सीधा तरीका है।

  • गर्म कपड़े पहनें: शरीर की गर्मी को बनाए रखने के लिए ऊनी या थर्मल कपड़े पहनें। परतों में कपड़े पहनना (Layers) सबसे प्रभावी होता है, क्योंकि यह शरीर और कपड़ों के बीच हवा की परत बनाता है जो गर्मी को अंदर फंसा लेती है।

  • अंगों को ढकें: सिर, कान, हाथ और पैर शरीर के वे हिस्से हैं जिनसे सबसे ज़्यादा गर्मी निकलती है और ये सबसे जल्दी ठंडे होते हैं। इसलिए, टोपी, मफलर, दस्ताने और गर्म मोज़े पहनना सुनिश्चित करें। सिर और कान को ढकना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रक्तचाप अचानक बढ़ने का जोखिम कम होता है।

  • घर को गर्म रखें: अपने रहने की जगह (Living Area) को भी आरामदायक तापमान पर बनाए रखें।

2. अत्यधिक ठंड में बाहर टहलने से बचें और अंदर ही व्यायाम करें

 

ठंडी हवा में शारीरिक गतिविधि करना हृदय के लिए अत्यधिक तनावपूर्ण हो सकता है।

  • बाहर टहलने से बचें: बहुत ज़्यादा ठंड या सुबह के शुरुआती घंटों या देर शाम को, जब तापमान सबसे कम होता है, बाहर टहलने न जाएँ। ठंडी हवा में गहरी साँस लेने से श्वसन नली में संकुचन हो सकता है और हृदय पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

  • घर के अंदर व्यायाम: इसकी बजाय, घर के अंदर ही हल्का व्यायाम करें। आप योगा, धीमी गति से चलना, या घर के काम (जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना-उतरना) कर सकते हैं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसा सुरक्षित और गर्म वातावरण में ही करें।

  • तनाव से बचें: भारी सामान उठाना या बर्फ हटाना जैसे ज़ोरदार काम करने से बचें, क्योंकि ये भी हृदय पर अचानक तनाव डाल सकते हैं।

3. नियमित जाँच और दवाइयों का पालन

 

ठंड के कारण शरीर में होने वाले परिवर्तनों को ट्रैक करना आवश्यक है।

  • रक्तचाप की नियमित जाँच: ठंड के मौसम में रक्तचाप अक्सर बढ़ जाता है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपने रक्तचाप की नियमित रूप से जाँच करें। यदि असामान्य रीडिंग आती है, तो तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

  • रक्त शर्करा की जाँच: मधुमेह (Diabetes) हृदय रोग के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है। अपने रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर की भी नियमित रूप से जाँच करें और इसे नियंत्रण में रखें।

  • दवाओं का समय पर सेवन: अपनी दवाओं का सेवन डॉक्टर के निर्देशों के अनुसार, समय पर करना सुनिश्चित करें और किसी भी खुराक को छोड़ें नहीं।

इन एहतियाती उपायों का पालन करके, हृदय रोगी सर्दी के मौसम में भी अपने दिल को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं।

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