
भोपाल, मध्य प्रदेश। 21 नवंबर 2025।
मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, जो अब तक राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित थी, ने अब अपने दायरे का विस्तार करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में स्थायी सुधार लाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। सरकार का यह कदम राज्य में महिलाओं के बीच व्याप्त कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) की गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
📊 स्वास्थ्य सूचकांक की गंभीर चुनौती
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (NFHS-5, 2020-21) के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश को महिलाओं के स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे के अनुसार:
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राज्य की 23.0% महिलाएं कम बॉडी मास इंडेक्स (BMI) वाली हैं, जो कुपोषण का स्पष्ट संकेत है।
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सबसे चिंताजनक आंकड़ा यह है कि 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 54.7% महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं। यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
इस योजना के माध्यम से, सरकार ने समझा है कि केवल आर्थिक सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है; जब तक महिला शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होगी, तब तक वह अपनी आर्थिक स्वतंत्रता का पूरा लाभ नहीं उठा पाएगी।
💊 स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष प्रावधान
लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को अब पोषण सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए निम्नलिखित विशेष प्रावधान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:
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पोषण जागरूकता: आंगनवाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन (Iron) और फोलिक एसिड (Folic Acid) सप्लीमेंट्स के महत्व और साफ-सफाई (Hygiene) के बारे में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं को नियमित रूप से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है, खासकर गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान।
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स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता: महिलाओं को अपने परिवार, विशेषकर बच्चों के लिए, स्वच्छ पेयजल के उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।
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आर्थिक स्वावलंबन से पोषण: मासिक राशि का उपयोग महिलाएं अपने और अपने बच्चों के लिए पोषक खाद्य पदार्थों (जैसे दालें, फल और सब्जियां) की खरीद पर कर सकें, इस दिशा में उन्हें परामर्श दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लाड़ली बहना योजना अब सिर्फ हस्तांतरण (Transfer) योजना नहीं है, यह परिवर्तन (Transformation) की योजना है। जब तक हमारी बहनें स्वस्थ और पोषित नहीं होंगी, तब तक एक स्वस्थ और समृद्ध मध्य प्रदेश का निर्माण संभव नहीं है।” यह एकीकृत दृष्टिकोण राज्य की महिलाओं और अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भोपाल, मध्य प्रदेश। 21 नवंबर 2025।
मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, जो अब तक राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित थी, ने अब अपने दायरे का विस्तार करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में स्थायी सुधार लाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। सरकार का यह कदम राज्य में महिलाओं के बीच व्याप्त कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) की गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
📊 स्वास्थ्य सूचकांक की गंभीर चुनौती
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (NFHS-5, 2020-21) के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश को महिलाओं के स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे के अनुसार:
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राज्य की 23.0% महिलाएं कम बॉडी मास इंडेक्स (BMI) वाली हैं, जो कुपोषण का स्पष्ट संकेत है।
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सबसे चिंताजनक आंकड़ा यह है कि 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 54.7% महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं। यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
इस योजना के माध्यम से, सरकार ने समझा है कि केवल आर्थिक सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है; जब तक महिला शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होगी, तब तक वह अपनी आर्थिक स्वतंत्रता का पूरा लाभ नहीं उठा पाएगी।
💊 स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष प्रावधान
लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को अब पोषण सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए निम्नलिखित विशेष प्रावधान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:
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पोषण जागरूकता: आंगनवाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन (Iron) और फोलिक एसिड (Folic Acid) सप्लीमेंट्स के महत्व और साफ-सफाई (Hygiene) के बारे में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं को नियमित रूप से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है, खासकर गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान।
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स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता: महिलाओं को अपने परिवार, विशेषकर बच्चों के लिए, स्वच्छ पेयजल के उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।
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आर्थिक स्वावलंबन से पोषण: मासिक राशि का उपयोग महिलाएं अपने और अपने बच्चों के लिए पोषक खाद्य पदार्थों (जैसे दालें, फल और सब्जियां) की खरीद पर कर सकें, इस दिशा में उन्हें परामर्श दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लाड़ली बहना योजना अब सिर्फ हस्तांतरण (Transfer) योजना नहीं है, यह परिवर्तन (Transformation) की योजना है। जब तक हमारी बहनें स्वस्थ और पोषित नहीं होंगी, तब तक एक स्वस्थ और समृद्ध मध्य प्रदेश का निर्माण संभव नहीं है।” यह एकीकृत दृष्टिकोण राज्य की महिलाओं और अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।