
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ द्वारा जारी एक संयुक्त रिपोर्ट ने खसरे (Measles) की रोकथाम में हुई प्रगति और वर्तमान में मंडरा रहे खतरे दोनों को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2000 के बाद से खसरे से होने वाली वैश्विक मृत्यु दर में 88% की भारी कमी आई है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो खसरा टीकाकरण के वैश्विक और राष्ट्रीय प्रयासों की असाधारण सफलता को दर्शाती है। हालाँकि, यह सकारात्मक प्रगति अब खतरे में है।
मामलों में खतरनाक वृद्धि
सफल टीकाकरण अभियानों के बावजूद, खसरे के मामलों की संख्या में हाल के वर्षों में खतरनाक वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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प्रकोप की सूचना: वर्ष 2024 में, दुनिया के 59 देशों ने बड़े या विघटनकारी खसरे के प्रकोपों की सूचना दी है। यह संख्या 2021 की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है और कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए प्रकोप हैं।
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तेज उछाल: खसरे के मामलों की यह बढ़ती संख्या वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह दर्शाता है कि समुदायों में खसरे से बचाव के लिए आवश्यक सामुदायिक प्रतिरक्षा (Herd Immunity) कम हो गई है।
उछाल का मुख्य कारण: टीकाकरण कवरेज में अपर्याप्तता
खसरे के मामलों में इस उछाल का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण कारण टीकाकरण कवरेज में अपर्याप्तता है। खसरा एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, और इसे नियंत्रित करने के लिए बच्चों को खसरे के टीके की दो खुराक दिया जाना अनिवार्य है।
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वंचित बच्चे: रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में अनुमानित 3 करोड़ से अधिक बच्चे खसरे के टीके की दूसरी खुराक से वंचित रहे। खसरे की दूसरी खुराक अत्यधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रतिरक्षा को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
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कमजोर प्रतिरक्षा: टीकाकरण कवरेज में यह कमी सीधे तौर पर समुदायों में खसरे के बड़े और तीव्र प्रकोप के जोखिम को बढ़ाती है। जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की दर कम होती है, वहाँ यह वायरस तेजी से फैलता है, जिससे बच्चों में गंभीर बीमारी और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
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महामारी का प्रभाव: कोविड-19 महामारी के दौरान नियमित टीकाकरण सेवाओं में आए व्यवधानों ने भी इस कमी को बढ़ाया है, जिसके चलते कई बच्चों को उनकी समय पर खुराक नहीं मिल पाई।
WHO और यूनिसेफ ने अब सरकारों से आह्वान किया है कि वे टीकाकरण कार्यक्रमों में तत्काल तेजी लाएं, छूटे हुए बच्चों तक पहुंचें और वैश्विक टीकाकरण कवरेज को बढ़ाएं ताकि दशकों की मेहनत से हासिल की गई खसरे पर नियंत्रण की सफलता को बचाया जा सके।