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💨 दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का महासंकट: ‘बहुत खराब’ श्रेणी में AQI बरकरार, स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति

नई दिल्ली। 21 नवंबर 2025।

देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण का संकट आज भी गंभीर बना रहा। शुक्रवार, 21 नवंबर को, पूरे क्षेत्र में जहरीली धुंध (Smog) की एक मोटी परत छाई रही, जिसने दृश्यता (Visibility) को बुरी तरह प्रभावित किया और लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बरकरार रहा, जो एक स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति की ओर इशारा करता है।

🛑 प्रमुख क्षेत्रों में AQI ‘गंभीर’ स्तर पर

 

CPCB के नवीनतम अपडेट के अनुसार, दिल्ली के कई प्रमुख निगरानी स्टेशनों पर AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।

    • अक्षरधाम (Anand Vihar): यहां का AQI 416 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है (AQI 401 से 500)।

    • इंडिया गेट और IGI एयरपोर्ट: इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों के आसपास भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार बना रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।

    • नोएडा और गुरुग्राम: NCR के प्रमुख शहरों, नोएडा और गुरुग्राम, में भी हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ और यहां भी AQI 350 के आसपास दर्ज किया गया।

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AQI का ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ होना यह दर्शाता है कि हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे सूक्ष्म कणों की सघनता सामान्य से कई गुना अधिक है। ये कण इतने छोटे होते हैं कि वे फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं और रक्तप्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं।

😷 नागरिकों के स्वास्थ्य पर सीधा असर

 

इस खतरनाक वायु प्रदूषण के कारण नागरिकों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

  • श्वसन संबंधी समस्याएं: अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ (Difficulty in Breathing), अस्थमा के दौरे और ब्रोंकाइटिस के रोगियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है।

  • आँखों में जलन: प्रदूषित हवा के कारण आँखों में तेज जलन, लालिमा और पानी आने की शिकायतें आम हो गई हैं।

  • बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा: डॉक्टर लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, घर के अंदर रहें, और खिड़कियों तथा दरवाजों को बंद रखें। बाहर निकलने पर N95 मास्क का उपयोग अनिवार्य बताया गया है।

वायु प्रदूषण के इस संकट को देखते हुए, पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त और दीर्घकालिक उपाय लागू करने की मांग की है, जिसमें पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध और निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करना शामिल है। जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक दिल्ली-एनसीआर के लोगों को स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️