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🌹 प्रकृति का उपहार: देसी गुलाब के औषधीय गुण, पाचन और तनाव में रामबाण

6 नवंबर, 2025: भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद और यूनानी में सदियों से इस्तेमाल किया जाने वाला देसी गुलाब (Desi Rose), अब आधुनिक स्वास्थ्य अनुसंधानों में भी अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है। हाल ही में जारी रिपोर्टों ने इस सुगंधित फूल के अनेक स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला है, जिससे यह सिर्फ सुंदरता का नहीं, बल्कि औषधि का प्रतीक भी बन गया है।

 

🧘 माइग्रेन और तनाव में शीतलता

 

देसी गुलाब का सबसे महत्वपूर्ण लाभ इसका शांत (Calming) और ठंडक देने वाला प्रभाव है। यह गुण इसे विशेष रूप से न्यूरोलॉजिकल और तनाव संबंधी विकारों के उपचार में उपयोगी बनाता है।

  • माइग्रेन में राहत: गुलाब के फूलों का अर्क या गुलाब जल का नियमित सेवन या माथे पर लगाना माइग्रेन (Migraine) और तनाव से जुड़े गंभीर सिरदर्द की समस्याओं में आराम दे सकता है। इसकी शीतलता मस्तिष्क की नसों को शांत करती है और सूजन को कम करने में मदद करती है।
  • तनाव और नींद: देसी गुलाब में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले वाष्पशील तेल (Volatile Oils) मूड को बेहतर बनाने और तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। गुलाब की खुशबू का उपयोग एरोमाथेरेपी में चिंता (Anxiety) और अनिद्रा (Insomnia) को दूर करने के लिए भी किया जाता है, जिससे बेहतर और गहरी नींद आती है।

 

🍎 पाचन तंत्र का दोस्त

 

पाचन स्वास्थ्य के लिए देसी गुलाब को एक प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है। इसे अक्सर गुलकंद (Gulkand) या गुलाब जल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

  • पेट को दुरुस्त करे: गुलाब की पंखुड़ियों में हल्के रेचक (Laxative) गुण होते हैं, जो कब्ज (Constipation) को दूर करने और पाचन तंत्र को साफ रखने में सहायक होते हैं।
  • एसिडिटी और जलन: गुलाब का ठंडा स्वभाव पेट की एसिडिटी और अल्सर के कारण होने वाली जलन (Inflammation) को शांत करता है। यह पित्त को संतुलित करने और पेट की गर्मी को कम करने में भी मदद करता है।
  • पाचन में सुधार: गुलकंद जैसे उत्पाद आँत के स्वस्थ बैक्टीरिया (Gut Flora) को बढ़ावा देते हैं, जिससे भोजन का अवशोषण (Absorption) बेहतर होता है और समग्र पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है।

 

📜 पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग

 

आयुर्वेदिक और यूनानी प्रणालियों में, गुलाब को ‘वर्क’ या ‘इलाज’ के रूप में सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है:

  • नेत्र स्वास्थ्य: गुलाब जल का उपयोग आँखों की थकान और जलन को शांत करने के लिए एक प्राकृतिक आई-वॉश के रूप में किया जाता है।
  • त्वचा और सौंदर्य: यह एक बेहतरीन प्राकृतिक टोनर है जो त्वचा की लालिमा और सूजन को कम करता है, और त्वचा को नमी प्रदान करता है।

देसी गुलाब का नियमित और संयमित उपयोग हमें प्रकृति के करीब लाता है और कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्राकृतिक तरीके से निपटने में मदद करता है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️