
अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नीदरलैंड्स सरकार (Government of Netherlands) ने वैश्विक स्वास्थ्य (Global Health) खतरों से लड़ने के लिए एक बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता जताई है। नीदरलैंड्स ने एड्स (AIDS), तपेदिक (Tuberculosis – TB) और मलेरिया (Malaria) जैसी तीन प्रमुख संक्रामक बीमारियों को समाप्त करने के लिए कार्यरत ग्लोबल फंड (Global Fund) को 2026 से 2029 की आगामी अवधि के लिए €195.2 मिलियन (लगभग 17.5 अरब रुपये) देने का वादा किया है।
वैश्विक स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण निवेश
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर की स्वास्थ्य प्रणालियाँ जलवायु परिवर्तन और नई महामारियों के जोखिमों का सामना कर रही हैं। नीदरलैंड्स का यह निवेश ग्लोबल फंड के सातवें पुनर्गठन (Seventh Replenishment) का हिस्सा है, और इसका प्राथमिक लक्ष्य इन तीन बीमारियों के कारण होने वाली मौतों को कम करना और कमजोर देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना है।
ग्लोबल फंड का कार्य: ग्लोबल फंड एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण संगठन है जो दुनिया के सबसे गरीब और सबसे अधिक प्रभावित देशों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन जुटाता और वितरित करता है। यह फंड 2002 में अपनी स्थापना के बाद से लाखों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।
G20 शिखर सम्मेलन से पहले की घोषणा
नीदरलैंड्स सरकार द्वारा यह वित्तीय प्रतिबद्धता दक्षिण अफ्रीका में होने वाले आगामी G20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले की गई है। इस घोषणा का रणनीतिक महत्व है, क्योंकि यह G20 जैसे मंचों पर वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और वित्तपोषण के मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय नेताओं को कार्रवाई के लिए प्रेरित करता है। नीदरलैंड्स एक गैर-G20 सदस्य होने के बावजूद, वैश्विक चुनौतियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अन्य धनी राष्ट्रों पर दबाव बनाता है कि वे भी अपने योगदान को बढ़ाएँ।
निवेश का उद्देश्य और प्रभाव
इस €195.2 मिलियन के निवेश के माध्यम से नीदरलैंड्स निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा:
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संक्रामक रोगों का नियंत्रण: एड्स, टीबी और मलेरिया की रोकथाम, उपचार और देखभाल कार्यक्रमों के विस्तार में मदद करना।
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स्वास्थ्य प्रणाली का लचीलापन: महामारी की स्थिति से निपटने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कमजोर देशों की स्वास्थ्य प्रणालियों (जैसे प्रयोगशालाएं, आपूर्ति श्रृंखला और स्वास्थ्यकर्मी) को और अधिक लचीला (resilient) बनाना।
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समानता को बढ़ावा: यह सुनिश्चित करना कि स्वास्थ्य सेवाएं सबसे अधिक जरूरतमंद और हाशिए पर रहने वाली आबादी तक पहुँचें, जिससे स्वास्थ्य असमानता कम हो।
नीदरलैंड्स ने स्पष्ट किया है कि यह फंड केवल दान नहीं है, बल्कि यह मानव पूंजी में एक रणनीतिक निवेश है जो वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। यह प्रतिबद्धता वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर देश के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है।