
कैलिफोर्निया, अमेरिका। चिकित्सा जगत में अक्सर ऐसी खोजें होती हैं जो किसी एक बीमारी का इलाज करती हैं, लेकिन स्टैनफोर्ड मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी “यूनिवर्सल” सुरक्षा प्रणाली विकसित की है जो श्वसन तंत्र की लगभग हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है। यह नया नेजल स्प्रे (नाक के जरिए दिया जाने वाला टीका) भविष्य की महामारियों को रोकने में सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
यह तकनीक पारंपरिक टीकों से कैसे अलग है?
आमतौर पर, जब हम इन्फ्लुएंजा (फ्लू) या COVID-19 का टीका लगवाते हैं, तो वह शरीर को किसी विशेष वायरस के ‘स्पाइक प्रोटीन’ या जेनेटिक कोड को पहचानना सिखाता है। समस्या तब आती है जब वायरस अपना रूप बदल लेता है (म्यूटेशन), जिससे पुराना टीका कम प्रभावी हो जाता है।
स्टैनफोर्ड की यह नई “यूनिवर्सल” तकनीक वायरस को नहीं, बल्कि शरीर के प्रवेश द्वार (Respiratory Tract) को मजबूत करती है। यह स्प्रे फेफड़ों और नाक की आंतरिक परत में मौजूद प्रतिरक्षा कोशिकाओं (Immune Cells) को सक्रिय कर देता है। सरल शब्दों में कहें तो, यह दुश्मन को पहचानने के बजाय, घर की सुरक्षा दीवार को इतना ऊंचा और चौकस बना देता है कि कोई भी अजनबी भीतर प्रवेश न कर सके।
प्रमुख विशेषताएं और कार्यप्रणाली
-
इम्यून सिस्टम को ‘हाई अलर्ट’ पर रखना: शोध के अनुसार, यह स्प्रे फेफड़ों की स्थानीय प्रतिरक्षा प्रणाली को कई महीनों तक सक्रिय रखता है। यह कोशिकाओं को एक विशेष स्थिति में ले आता है जहाँ वे किसी भी बाहरी सूक्ष्मजीव (पैथोजन) को देखते ही नष्ट करना शुरू कर देती हैं।
-
व्यापक सुरक्षा (Broad Spectrum): यह स्प्रे केवल COVID-19 या फ्लू तक सीमित नहीं है। परीक्षणों में पाया गया कि यह बैक्टीरियल निमोनिया और यहाँ तक कि धूल के कणों (Dust Mites) से होने वाली एलर्जी के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान करता है।
-
उपयोग में आसानी: इसके लिए किसी इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं है। इसे नाक के जरिए एक साधारण स्प्रे की तरह लिया जा सकता है, जो सीधे संक्रमण के पहले बिंदु पर प्रहार करता है।
चूहों पर परीक्षण: 100% सफलता
वैज्ञानिकों ने इस स्प्रे का परीक्षण प्रयोगशाला में चूहों पर किया। परिणाम विस्मयकारी थे:
-
जिन चूहों को यह स्प्रे दिया गया, उन्हें जब वायरस के घातक डोज के संपर्क में लाया गया, तो उनमें गंभीर बीमारी रोकने में 100% सफलता मिली।
-
यह स्प्रे देने के हफ्तों बाद भी चूहों के फेफड़ों में संक्रमण का कोई निशान नहीं मिला।
-
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव (Side Effects) नहीं देखे गए।
भविष्य की संभावनाएं और महत्व
यह खोज विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या जो बुजुर्ग हैं। इसके अलावा:
-
अगली महामारी की तैयारी: भविष्य में यदि कोई नया वायरस (Disease X) आता है, तो हमारे पास एक ऐसा ‘यूनिवर्सल’ स्प्रे होगा जो किसी विशिष्ट वैक्सीन के बनने से पहले ही आबादी को सुरक्षा प्रदान कर सकेगा।
-
एंटीबायोटिक प्रतिरोध: चूंकि यह बैक्टीरियल निमोनिया से भी लड़ सकता है, इसलिए यह एंटीबायोटिक दवाओं पर हमारी निर्भरता को कम करेगा।
निष्कर्ष
स्टैनफोर्ड का यह ‘यूनिवर्सल’ नेजल वैक्सीन ब्रेकथ्रू इस बात का प्रमाण है कि हम केवल बीमारियों का इलाज करने के बजाय, अब शरीर को इतना शक्तिशाली बनाने की ओर बढ़ रहे हैं कि बीमारियाँ घर ही न कर पाएं। हालांकि अभी इसका मनुष्यों पर क्लिनिकल ट्रायल होना बाकी है, लेकिन प्रारंभिक नतीजे एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद जगाते हैं।