
1. अमेरिका में खसरे का अनियंत्रित प्रकोप
विकसित देशों में खसरे का पुनरागमन सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय है। अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना, फ्लोरिडा और जॉर्जिया जैसे राज्यों में खसरे के मामलों में अचानक आई बाढ़ ने स्वास्थ्य प्रणालियों को हिलाकर रख दिया है।
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1,200 से अधिक मामले: मार्च 2026 के पहले सप्ताह तक केवल अमेरिका में ही 1,200 से अधिक पुष्ट मामले दर्ज किए जा चुके हैं। खसरा दुनिया की सबसे संक्रामक बीमारियों में से एक है; एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 12 से 18 अन्य लोगों को बीमार कर सकता है।
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टीकाकरण में गिरावट (Vaccine Hesitancy): विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एंटी-वैक्स’ आंदोलनों और टीकाकरण के प्रति बढ़ती उदासीनता के कारण ‘हर्ड इम्युनिटी’ कमजोर हुई है। 95% टीकाकरण की दर जो इस बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक है, कई क्षेत्रों में गिरकर 80% से नीचे आ गई है।
2. हैजा (Cholera): जलजनित महामारी का कहर
हैजा, जिसे अक्सर ‘गरीबी की बीमारी’ कहा जाता है, अब वैश्विक स्तर पर अपने पैर पसार रहा है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में हैजा के मामलों में 50% की भारी वृद्धि देखी गई है।
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प्रभावित क्षेत्र: अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्रों और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में हैजा का प्रकोप सबसे अधिक है। युद्ध, विस्थापन और जलवायु परिवर्तन के कारण खराब स्वच्छता और दूषित पेयजल इस बीमारी के फैलने के मुख्य कारण हैं।
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टीकाकरण की कमी: हैजा के ओरल टीकों (OCV) की वैश्विक मांग आपूर्ति से कहीं अधिक हो गई है। टीकों की इस कमी ने उन क्षेत्रों को अधिक संवेदनशील बना दिया है जहाँ बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं का अभाव है।
3. संक्रामक रोगों के बढ़ने के मुख्य कारण
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वैश्विक यात्रा (Global Travel): 2026 में अंतरराष्ट्रीय यात्राएं अपने चरम पर हैं, जिससे वायरस और बैक्टीरिया कुछ ही घंटों में एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुँच रहे हैं।
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जलवायु परिवर्तन: अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के कारण जल प्रणालियाँ दूषित हो रही हैं, जो हैजा जैसे रोगों के प्रसार में सहायक हैं।
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स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव: कई देशों की स्वास्थ्य प्रणालियाँ अभी भी पिछले महामारियों के झटकों से पूरी तरह नहीं उबर पाई हैं, जिससे नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों में बाधा आ रही है।
4. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एडवाइजरी: क्या करें?
WHO और CDC ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले या वहां यात्रा करने वाले लोगों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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टीकाकरण की जांच: सुनिश्चित करें कि आपके बच्चों और परिवार के सदस्यों को MMR (खसरा, कण्ठमाला, रूबेला) के दोनों टीके लगे हों।
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स्वच्छता का ध्यान: हैजा से बचने के लिए केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। कच्चे भोजन और बिना धुले फलों-सब्जियों से बचें।
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लक्षणों की पहचान: यदि तेज बुखार, शरीर पर लाल दाने (खसरा) या अचानक तेज दस्त और उल्टी (हैजा) जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
5. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भविष्य की राह
इस संकट से निपटने के लिए WHO ने एक ‘रैपिड रिस्पॉन्स टास्क फोर्स’ का गठन किया है। साथ ही, दवा कंपनियों से हैजा के टीकों के उत्पादन को दोगुना करने का आग्रह किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच (Screening) को फिर से कड़ा किया जा रहा है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
निष्कर्ष
9 मार्च 2026 की यह रिपोर्ट हमें याद दिलाती है कि विज्ञान की बड़ी खोजों के बीच भी हमें बुनियादी संक्रामक बीमारियों के प्रति सतर्क रहना होगा। खसरा और हैजा का बढ़ना यह साबित करता है कि “जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं है, तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।” समय पर टीकाकरण और स्वच्छता ही इन अदृश्य दुश्मनों के खिलाफ हमारा सबसे मजबूत हथियार है।