
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पहली बार दो कोविड-19 रैपिड एंटीजन डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) को अपनी प्रतिष्ठित ‘प्री-क्वालिफिकेशन’ (PQ) सूची में शामिल किया है। ये टेस्ट किट SD Biosensor और ACON Biotech द्वारा निर्मित हैं।
यह मंजूरी केवल एक तकनीकी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में, विशेष रूप से कम और मध्यम आय वाले देशों में, महामारी नियंत्रण और व्यक्तिगत स्वास्थ्य निगरानी के तरीके को बदलने वाली घटना है।
क्या है ‘प्री-क्वालिफिकेशन’ और इसका महत्व?
जब WHO किसी चिकित्सा उत्पाद को ‘प्री-क्वालिफाई’ करता है, तो इसका सीधा मतलब है कि वह उत्पाद गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता के सबसे कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा है।
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वैश्विक विश्वसनीयता: इस मंजूरी के बाद, संयुक्त राष्ट्र (UN) की एजेंसियां और ‘ग्लोबल फंड’ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन अब इन किटों को थोक में खरीदकर गरीब देशों में वितरित कर सकेंगे।
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गुणवत्ता का भरोसा: अब तक बाजार में कई तरह की सेल्फ-टेस्ट किट उपलब्ध थीं, लेकिन उनकी सटीकता को लेकर अक्सर सवाल उठते थे। WHO की मुहर लगने के बाद अब इनकी ‘डायग्नोस्टिक सटीकता’ पर संदेह खत्म हो गया है।
SD Biosensor और ACON Biotech: तकनीक और सुलभता
जिन दो कंपनियों की किट को मंजूरी मिली है, वे अपनी सरलता और सटीक परिणामों के लिए जानी जाती हैं:
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SD Biosensor: यह दक्षिण कोरियाई कंपनी है जिसने नाक के स्वाब (Nasal Swab) के जरिए तेजी से परिणाम देने वाली किट विकसित की है।
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ACON Biotech: यह किट अपनी कम लागत और आसान उपयोग के कारण विकासशील देशों के लिए अत्यधिक उपयुक्त मानी जा रही है।
इन किटों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनका उपयोग करने के लिए किसी पेशेवर लैब या डॉक्टर की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी व्यक्ति घर बैठे 15 से 20 मिनट के भीतर अपना परिणाम जान सकता है।
विकासशील देशों के लिए ‘गेम चेंजर’
यह निर्णय विशेष रूप से अफ्रीका, दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका के उन देशों के लिए वरदान साबित होगा जहाँ लैब आधारित RT-PCR टेस्ट की सुविधा महंगी और दुर्लभ है।
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लागत में कमी: अंतरराष्ट्रीय खरीद के कारण इन किटों की कीमतें काफी कम हो जाएंगी, जिससे आम आदमी के लिए जांच कराना किफायती होगा।
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समय की बचत: ग्रामीण इलाकों में जहाँ लैब रिपोर्ट आने में 2-3 दिन लग जाते थे, वहां अब मौके पर ही संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा। इससे संक्रमित व्यक्ति को तुरंत आइसोलेट (अलग) करने में मदद मिलेगी और संक्रमण की चेन टूटेगी।
भविष्य की महामारियों के लिए तैयारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल कोविड-19 तक सीमित नहीं है। यह भविष्य में आने वाली अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों (Respiratory Diseases) के लिए ‘सेल्फ-टेस्टिंग कल्चर’ को बढ़ावा देगा।
“सटीक और किफायती जांच तक पहुंच ही किसी भी महामारी को रोकने का सबसे प्रभावी हथियार है। WHO की यह मंजूरी समानता के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” — WHO प्रवक्ता
निष्कर्ष
WHO द्वारा SD Biosensor और ACON Biotech की किट को दी गई यह मंजूरी वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाली है। यह न केवल कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को तेज करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में तकनीक और स्वास्थ्य सुविधाएं केवल अमीर देशों तक सीमित न रहें। सस्ती, सटीक और सुलभ जांच अब हर व्यक्ति का अधिकार बनने की ओर अग्रसर है।