
नई दिल्ली/NCR: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) समेत देश के कई बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खतरनाक स्तर पर पहुँचने से स्वास्थ्य विशेषज्ञों में गहरी चिंता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषित और ज़हरीली हवा अब केवल फेफड़ों और श्वसन तंत्र को ही नहीं, बल्कि शरीर के समग्र स्वास्थ्य, यहाँ तक कि मानसिक और हृदय स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुँचा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ख़राब AQI के कारण श्वसन संबंधी बीमारियों (जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस) के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन अब इसके नए लक्षण भी सामने आ रहे हैं।
वायु प्रदूषण का व्यापक स्वास्थ्य प्रभाव
डॉक्टरों ने बताया है कि हवा में मौजूद PM 2.5 और PM 10 जैसे अति सूक्ष्म कण न केवल फेफड़ों में घुसते हैं, बल्कि रक्तप्रवाह (Bloodstream) में मिलकर पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं:
- क्रॉनिक इनसोम्निया (Chronic Insomnia): यह सबसे चिंताजनक नया लक्षण है। प्रदूषित हवा के कारण शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative Stress) बढ़ता है, जिससे रात में सोने की गुणवत्ता प्रभावित होती है। प्रदूषक श्वसन मार्गों को बाधित करते हैं, जिससे रात में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और लोग पुरानी नींद न आने की समस्या (इनसोम्निया) या नींद में बार-बार उठने की समस्या से जूझ रहे हैं।
- लगातार सिरदर्द और थकान: हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसों की अधिकता मस्तिष्क तक ऑक्सीजन के प्रवाह को बाधित करती है, जिससे दिनभर लगातार सिरदर्द, चक्कर आना और अत्यधिक थकान महसूस होती है।
- हृदय संबंधी समस्याएं: वायु प्रदूषक रक्त को गाढ़ा कर सकते हैं, जिससे रक्तचाप (Blood Pressure) बढ़ जाता है और हृदय पर तनाव आता है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से हृदय गति रुकने (Heart Failure) और स्ट्रोक (Stroke) का जोखिम भी बढ़ जाता है।
ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए बचाव के उपाय
चूंकि प्रदूषण का असर सुबह और शाम के समय सबसे अधिक होता है, जब अधिकांश लोग काम के लिए घर से बाहर निकलते हैं, विशेषज्ञों ने ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए तत्काल कुछ सुरक्षा उपाय सुझाए हैं:
| उपाय | विवरण |
| N95/N99 मास्क | बाहर निकलते समय हमेशा N95 या N99 रेटिंग वाले मास्क का उपयोग करें। ये सूक्ष्म कणों को प्रभावी ढंग से फ़िल्टर करते हैं। |
| एयर प्यूरीफायर का उपयोग | घर और ऑफिस के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। |
| व्यक्तिगत स्वच्छता | घर लौटने पर नाक और गले को गुनगुने पानी से साफ करें। बाहर से आने के बाद आँखों को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएँ। |
| हाइड्रेशन और डाइट | शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए खूब पानी पिएँ और प्रतिरक्षा (Immunity) को मजबूत करने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स (फल, हरी सब्जियां) को आहार में शामिल करें। |
| व्यायाम का समय बदलें | सुबह जल्दी या देर शाम बाहर व्यायाम करने से बचें, क्योंकि इस समय प्रदूषण चरम पर होता है। इंडोर व्यायाम को प्राथमिकता दें। |
डॉक्टरों ने ज़ोर दिया है कि वायु प्रदूषण अब केवल मौसम की समस्या नहीं है, यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है, जिसके दीर्घकालिक परिणामों से बचने के लिए तुरंत एहतियाती कदम उठाना अनिवार्य है।