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लंबी हवाई यात्रा की थकान होगी छूमंतर: नई दवा ‘Mic-628’ जेट लैग की रिकवरी समय को करेगी आधा

आधुनिक युग में लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्राएं जितनी सुलभ हुई हैं, उतनी ही बड़ी समस्या बनकर उभरा है ‘जेट लैग’ (Jet Lag)। एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक विमान से पहुंचने में तो कुछ घंटे लगते हैं, लेकिन हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी को नए समय क्षेत्र (Time Zone) के साथ तालमेल बिठाने में कई दिन लग जाते हैं। इस समस्या का समाधान अब विज्ञान ने खोज निकाला है। शोधकर्ताओं ने एक नए औषधीय यौगिक ‘Mic-628’ की पहचान की है, जो मानव शरीर की जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) को रिसेट करने की अद्भुत क्षमता रखता है।


क्या है जेट लैग और ‘Mic-628’ का जादू?

हमारा शरीर एक प्राकृतिक 24-घंटे के चक्र पर चलता है, जिसे ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ कहा जाता है। जब हम तेजी से कई टाइम जोन पार करते हैं, तो हमारे शरीर का सोने-जागने का चक्र बाहर के उजाले और अंधेरे से मेल नहीं खाता। इसके परिणामस्वरूप थकान, अनिद्रा, सिरदर्द और पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं।

वैज्ञानिकों द्वारा विकसित Mic-628 सीधे मस्तिष्क के उस हिस्से पर काम करता है जिसे ‘सुप्राकियास्मैटिक न्यूक्लियस’ (SCN) कहा जाता है। यह हिस्सा हमारे शरीर का मास्टर क्लॉक है। Mic-628 शरीर में उन प्रोटीनों के उत्पादन को विनियमित (Regulate) करता है जो समय चक्र को नियंत्रित करते हैं। यह दवा शरीर को यह भ्रम देने में सक्षम है कि समय तेजी से आगे बढ़ गया है, जिससे शरीर नए वातावरण के अनुसार खुद को ढाल लेता है।

शोध के चौंकाने वाले परिणाम

हाल ही में संपन्न हुए नैदानिक परीक्षणों (Clinical Trials) में Mic-628 के परिणाम क्रांतिकारी रहे हैं:

  1. तेजी से रिकवरी: सामान्य तौर पर, शरीर को 1 घंटे के टाइम जोन अंतर को कवर करने के लिए लगभग 1 दिन का समय लगता है। Mic-628 के उपयोग से यह रिकवरी समय 50% तक कम देखा गया है।

  2. अनिद्रा से राहत: परीक्षण में शामिल यात्रियों ने बताया कि इस दवा के सेवन के बाद उन्हें रात में नींद आने में कठिनाई नहीं हुई और सुबह उठने पर वे अधिक ऊर्जावान महसूस कर रहे थे।

  3. मानसिक एकाग्रता: जेट लैग के कारण होने वाली ‘ब्रेन फॉग’ (मानसिक धुंधलापन) की समस्या में भी इस दवा ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया है।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

यह दवा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन की गई है जिन्हें अक्सर लंबी उड़ानें लेनी पड़ती हैं:

  • बिजनेस ट्रैवलर्स: जिन्हें पहुंचते ही महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेना होता है।

  • अंतरराष्ट्रीय एथलीट: जिन्हें अलग-अलग देशों में प्रतियोगिताओं के लिए तुरंत फिट होना पड़ता है।

  • शिफ्ट वर्कर्स: जो रोटेशनल शिफ्ट में काम करते हैं और उनकी बायोलॉजिकल क्लॉक हमेशा अस्थिर रहती है।

उपलब्धता और सुरक्षा

विशेषज्ञों का कहना है कि Mic-628 फिलहाल अंतिम चरण के परीक्षणों में है और स्वास्थ्य नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिलने के बाद अगले साल तक बाजार में उपलब्ध हो सकती है। हालांकि यह एक ‘मैजिक पिल’ की तरह लग सकती है, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसका उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर और केवल लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान ही किया जाना चाहिए।


निष्कर्ष

Mic-628 केवल एक दवा नहीं, बल्कि समय और शरीर के बीच के संघर्ष को सुलझाने का एक वैज्ञानिक पुल है। यह खोज भविष्य में मानव उत्पादकता को बढ़ाने और यात्रा के अनुभव को अधिक सुखद बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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