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युवाओं के लिए नया खतरा: ‘ई-सिगरेट’ (Vaping) बन रही हार्ट अटैक की वजह, विशेषज्ञ चिंतित 💨💔

नई दिल्ली। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और हृदय रोग विशेषज्ञों ने युवाओं में तेज़ी से बढ़ रहे ‘ई-सिगरेट’ (Vaping) के चलन पर गंभीर चेतावनी जारी की है। स्मोकिंग का यह आधुनिक तरीका, जिसे अक्सर तम्बाकू सिगरेट से कम हानिकारक विकल्प के तौर पर प्रचारित किया जाता है, अब युवाओं के हृदय स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा और घातक जोखिम साबित हो रहा है।

 

शोधों में खतरनाक खुलासे

 

हालिया वैज्ञानिक शोधों और नैदानिक अध्ययनों में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि ई-सिगरेट का सेवन युवा वयस्कों में हार्ट अटैक और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा रहा है।

डॉक्टरों के अनुसार, ई-सिगरेट में पाए जाने वाले मुख्य घटक—निकोटीन और अन्य विभिन्न रसायन (जैसे फ्लेवरिंग एजेंट)—सीधे हृदय प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं:

  1. हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि: निकोटीन एक उत्तेजक पदार्थ है जो हृदय गति को तेज़ करता है और रक्तचाप को बढ़ाता है, जिससे हृदय की धमनियों पर अनावश्यक और लगातार दबाव पड़ता है।
  2. रक्त वाहिकाओं का संकुचन: ई-सिगरेट के वाष्प (Vapor) में मौजूद अन्य रसायन रक्त वाहिकाओं को संकुचित (Narrow) करते हैं, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।

 

40 से कम उम्र वालों में हार्ट अटैक की बढ़ोतरी

 

विशेष रूप से चिंताजनक बात यह है कि देश भर में 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं में हार्ट अटैक और अचानक कार्डियक डेथ (Sudden Cardiac Death) के मामलों में खतरनाक वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञ इस वृद्धि के लिए दोहरी मार को जिम्मेदार मानते हैं: एक तरफ निष्क्रिय जीवनशैली (Sedentary Lifestyle) और खराब खान-पान है, तो दूसरी तरफ ई-सिगरेट का तेज़ी से बढ़ता सेवन।

चूँकि ई-सिगरेट आसानी से उपलब्ध है और आकर्षक फ्लेवर्स में आती है, यह युवाओं को अपनी ओर खींचती है, जिससे वे अंजाने में ही अपने हृदय स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पहुँचा रहे हैं।

 

स्वास्थ्य संगठनों की अपील

 

इस गंभीर स्वास्थ्य संकट को देखते हुए, प्रमुख स्वास्थ्य संगठनों और हृदय रोग निवारण फाउंडेशन ने युवाओं और किशोरों से तुरंत ई-सिगरेट और वापिंग उत्पादों से पूरी तरह दूरी बनाने की अपील की है। विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि ई-सिगरेट सुरक्षित विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक नया और अप्रत्यक्ष स्वास्थ्य खतरा है जिसे गंभीरता से लेना अनिवार्य है। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान और सख्त नियामक कदमों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जा रहा है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️