
अदीस अबाबा (इथियोपिया)। वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आज 10 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। यूरोपीय संघ की प्रमुख स्वास्थ्य एजेंसी, यूरोपीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र (ECDC) और अफ्रीका सीडीसी (Africa Centres for Disease Control and Prevention) ने एक व्यापक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों महाद्वीपों के बीच स्वास्थ्य संबंधी खतरों से निपटने के लिए एक साझा रक्षा तंत्र विकसित करने की प्रतिबद्धता है।
साझेदारी के मुख्य स्तंभ: निगरानी और तैयारी
इस समझौते का प्राथमिक उद्देश्य संक्रामक रोगों की वास्तविक समय (Real-time) में निगरानी करना है। पिछले अनुभवों (जैसे कोविड-19 और मंकीपॉक्स) से सबक लेते हुए, दोनों एजेंसियां अब डेटा साझा करने के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करेंगी।
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प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली: यदि अफ्रीका के किसी दूरस्थ क्षेत्र या यूरोप के किसी शहर में किसी नए वायरस का प्रकोप दिखता है, तो इसकी सूचना तुरंत दोनों महाद्वीपों को दी जाएगी ताकि इसे वैश्विक महामारी बनने से पहले ही रोका जा सके।
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क्षमता निर्माण: ECDC अफ्रीका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को उन्नत जीनोम अनुक्रमण (Genome Sequencing) और महामारी विज्ञान के विश्लेषण में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR): एक ‘साइलेंट’ महामारी पर प्रहार
इस समझौते का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance – AMR) से लड़ना है। यह वह स्थिति है जब बैक्टीरिया और वायरस पर दवाइयां (Antibiotics) असर करना बंद कर देती हैं।
साझा रणनीति:
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एंटीबायोटिक्स का विनियमित उपयोग: दोनों महाद्वीप दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइन्स साझा करेंगे।
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नई दवाओं का अनुसंधान: प्रयोगशालाओं के बीच सहयोग बढ़ाकर नई पीढ़ी की एंटीबायोटिक दवाओं के विकास में तेजी लाई जाएगी।
वैक्सीन वितरण और समानता
अतीत में वैक्सीन वितरण को लेकर उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध के बीच काफी असमानता देखी गई थी। यह समझौता सुनिश्चित करता है कि भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य संकट के दौरान ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ के बजाय ‘वैक्सीन समानता’ को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत अफ्रीका में ही वैक्सीन निर्माण इकाइयों (Manufacturing Units) को विकसित करने के लिए यूरोपीय तकनीकी और निवेश का सहयोग लिया जाएगा।
उभरते स्वास्थ्य खतरों से निपटने का नेटवर्क
जलवायु परिवर्तन के कारण नए-नए जूनोटिक रोग (जानवरों से इंसानों में फैलने वाले रोग) सामने आ रहे हैं। यह साझेदारी ‘वन हेल्थ’ (One Health) दृष्टिकोण को अपनाती है, जिसमें इंसानों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य को एक साथ जोड़कर देखा जाता है।
निष्कर्ष
अदीस अबाबा में हुआ यह समझौता यह स्पष्ट करता है कि ‘जब तक सब सुरक्षित नहीं हैं, तब तक कोई सुरक्षित नहीं है’। यूरोप की उन्नत तकनीक और अफ्रीका के विशाल जमीनी अनुभव का यह मेल वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक अभेद्य दीवार साबित हो सकता है। यह साझेदारी न केवल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि दोनों महाद्वीपों के बीच आपसी विश्वास और कूटनीतिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।