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भारतीय हॉकी का नया अध्याय: प्रो-लीग के लिए 33 सदस्यीय कोर ग्रुप का ऐलान

नई दिल्ली/राउरकेला। भारतीय हॉकी के लिए साल 2026 की शुरुआत नई ऊर्जा और रणनीतिक बदलावों के साथ हो रही है। हॉकी इंडिया ने आज आधिकारिक तौर पर 33 सदस्यीय पुरुष संभावित कोर ग्रुप (Core Probables Group) की घोषणा कर दी है। यह टीम आगामी FIH पुरुष हॉकी प्रो-लीग के घरेलू चरणों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टीम का चयन भविष्य की चुनौतियों, विशेषकर एशियाई खेलों और विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखकर किया गया है।

बिरसा मुंडा स्टेडियम में लगेगा विशेष शिविर

घोषित किए गए सभी 33 खिलाड़ी 1 फरवरी, 2026 को राउरकेला के विश्व स्तरीय बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में रिपोर्ट करेंगे। यहाँ एक गहन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस, सामरिक समझ (Tactical Awareness) और टीम संयोजन को और बेहतर बनाना है। राउरकेला की नीली टर्फ पर खिलाड़ी प्रो-लीग के कठिन मुकाबलों के लिए खुद को तैयार करेंगे।

कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति: युवा जोश और अनुभव का संतुलन

भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने इस बार टीम चयन में एक साहसिक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रो-लीग के इस चरण में युवा प्रतिभाओं को परखना उनकी प्राथमिकता है।

“हमारा लक्ष्य एक ऐसा पूल तैयार करना है जहाँ हर स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा हो। कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को इस चरण में आराम दिया गया है ताकि वे अपनी फिटनेस पर काम कर सकें, जबकि जूनियर नेशनल और डोमेस्टिक सर्किट में शानदार प्रदर्शन करने वाले 4-5 नए चेहरों को पहली बार मुख्य शिविर में जगह मिली है।” — क्रेग फुल्टन, मुख्य कोच

टीम की प्रमुख विशेषताएं:

  • ड्रैग-फ्लिकर्स की फौज: हरमनप्रीत सिंह के साथ-साथ जुगराज सिंह और दो युवा ड्रैग-फ्लिकर्स को कोर ग्रुप में शामिल किया गया है, ताकि पेनल्टी कॉर्नर के विकल्पों को बढ़ाया जा सके।

  • मिडफील्ड में मजबूती: विवेक सागर प्रसाद और हार्दिक सिंह जैसे स्थापित नामों के साथ कुछ ऐसे युवाओं को जोड़ा गया है जो अपनी गति और बॉल कंट्रोल के लिए जाने जाते हैं।

  • गोलकीपिंग: अनुभवी पीआर श्रीजेश के मार्गदर्शन में कृष्ण पाठक और दो उभरते हुए गोलकीपिंग टैलेंट्स को ग्रुप में रखा गया है।

प्रो-लीग का महत्व

FIH प्रो-लीग केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि दुनिया की शीर्ष टीमों (जैसे नीदरलैंड, बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ खुद को परखने का सबसे बड़ा मंच है। राउरकेला में होने वाले मैचों में घरेलू दर्शकों का समर्थन भारतीय टीम के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का काम करेगा। कोच फुल्टन का मानना है कि इन मैचों के दौरान मिलने वाला ‘प्रेशर’ ही युवाओं को बड़े टूर्नामेंटों के लिए परिपक्व बनाएगा।

आगे की राह

प्रशिक्षण शिविर के अंतिम सप्ताह में प्रदर्शन के आधार पर 22 सदस्यीय अंतिम टीम का चुनाव किया जाएगा जो वास्तविक मैचों में मैदान पर उतरेगी। हॉकी प्रशंसकों की नजरें विशेष रूप से उन युवा फॉरवर्ड्स पर होंगी जिन्हें इस बार कोर ग्रुप में जगह मिली है, क्योंकि भारतीय टीम हाल के दिनों में ‘फिनिशिंग’ के क्षेत्र में सुधार की कोशिश कर रही है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️