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दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का तांडव: ‘गंभीर+’ श्रेणी और स्वास्थ्य पर मंडराता संकट

देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) एक बार फिर ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 450 के पार पहुँचने के साथ ही प्रशासन ने ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। यह स्थिति न केवल बीमार लोगों के लिए, बल्कि पूरी तरह स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल बन गई है।

‘गंभीर+’ श्रेणी: एक अदृश्य हत्यारा

जब AQI 450 के स्तर को पार करता है, तो इसे ‘गंभीर+’ (Severe Plus) श्रेणी माना जाता है। इस स्तर पर हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों की गहराई तक पहुँचकर रक्त प्रवाह में शामिल हो जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी प्रदूषित हवा में सांस लेना एक दिन में 15 से 20 सिगरेट पीने के बराबर हानिकारक है।

अस्पतालों में बढ़ते मामले और विशेषज्ञों की चिंता

प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर का सीधा असर दिल्ली के अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार:

  • मरीजों में भारी वृद्धि: अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) के मरीजों की संख्या में 30% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • नए लक्षण: केवल सांस की बीमारी ही नहीं, बल्कि लोगों में आंखों में जलन, लगातार खांसी, गले में खराश और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण भी आम हो गए हैं।

  • स्वस्थ लोगों पर प्रभाव: डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि लंबे समय तक इस हवा के संपर्क में रहने से स्वस्थ लोगों की फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) स्थाई रूप से कम हो सकती है।

हेल्थ एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?

बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. आउटडोर गतिविधियों पर रोक: सुबह और शाम के समय प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है, इसलिए मॉर्निंग वॉक या बाहरी खेलों से पूरी तरह बचें।

  2. N-95 मास्क की अनिवार्यता: सामान्य कपड़े का मास्क इन सूक्ष्म कणों को रोकने में असमर्थ है। घर से बाहर निकलते समय केवल N-95 या N-99 मास्क का ही उपयोग करें।

  3. इनडोर सुरक्षा: घरों के खिड़की-दरवाजे बंद रखें। यदि संभव हो, तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और घर के अंदर अगरबत्ती या मोमबत्ती जलाने से बचें।

  4. आहार और हाइड्रेशन: भरपूर पानी पिएं और विटामिन-C से भरपूर फल (जैसे संतरा, आंवला) खाएं ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।

प्रशासनिक कदम (GRAP-4)

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध, ट्रकों के प्रवेश पर रोक और स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर चलाने जैसे कड़े फैसले लिए गए हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली-NCR की यह स्थिति एक वार्षिक आपदा बन चुकी है। हालांकि प्रशासनिक कदम अपनी जगह हैं, लेकिन एक नागरिक के तौर पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक ‘सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव’ है।

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