
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है, और इसके साथ ही, गठिया (Arthritis) के मरीज़ों में जोड़ों के दर्द की शिकायतें भी बढ़ गई हैं। यह एक आम धारणा है कि ठंड गठिया के दर्द को बढ़ाती है, और अब चिकित्सा विशेषज्ञों ने इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट किया है।
डॉक्टरों के अनुसार, ठंड में जोड़ों का दर्द बढ़ना कोई मिथक नहीं है, बल्कि यह शरीर की प्राकृतिक शारीरिक प्रतिक्रिया (Physiological Response) का परिणाम है।
ठंड और जोड़ों के दर्द का वैज्ञानिक संबंध:
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने बताया कि ठंडे मौसम में दर्द बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से दो कारक जिम्मेदार होते हैं:
- रक्त वाहिकाओं का संकुचन: ठंडे तापमान में, शरीर ऊष्मा (Heat) को बनाए रखने की कोशिश करता है। इसके चलते, जोड़ों के आसपास की रक्त वाहिकाएँ संकुचित (Constrict) हो जाती हैं, जिससे उस क्षेत्र में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है। धीमे रक्त संचार के कारण जोड़ अधिक संवेदनशील हो जाते हैं और अकड़न महसूस होने लगती है।
- जोड़ों के तरल पदार्थ पर दबाव: कई अध्ययनों से पता चलता है कि ठंडे और कम वायुमंडलीय दबाव (Atmospheric Pressure) के कारण जोड़ों के आसपास मौजूद तरल पदार्थ (Synovial Fluid) में फैलाव आता है। यह फैलाव जोड़ों और नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिसके परिणामस्वरूप दर्द और सूजन बढ़ जाती है।
- मांसपेशियों का अकड़ना: ठंड में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए सिकुड़ता है, जिससे मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं। यह अकड़न जोड़ों पर तनाव डालती है, जिससे दर्द और असहजता महसूस होती है।
गठिया के दर्द से राहत के 4 आसान उपाय:
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गठिया के मरीज़ों को सर्दियों में अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाने चाहिए, ताकि दर्द को नियंत्रित किया जा सके:
- गर्म सिकाई (Hot Compress) का उपयोग: दर्द वाले जोड़ों पर गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड से सिकाई करें। गर्मी रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है और मांसपेशियों को आराम देती है, जिससे अकड़न और दर्द में तुरंत राहत मिलती है।
- हल्के व्यायाम को प्राथमिकता: दर्द के डर से पूरी तरह निष्क्रिय (Inactive) न हों। हल्के स्ट्रेचिंग, योग, या इनडोर वॉकिंग जैसे व्यायाम जोड़ों को गतिशील (Mobile) रखने और अकड़न कम करने में मदद करते हैं। व्यायाम से पहले हमेशा वार्म-अप करें।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार: अपने दैनिक आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे अखरोट, अलसी के बीज, और मछली का तेल) को शामिल करें। ओमेगा-3 में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
- शरीर को गर्म रखें: हाथों, पैरों और जोड़ों को गर्म कपड़ों, दस्तानों और मोजों से ढक कर रखें। शरीर को गर्म रखने से रक्त वाहिकाओं को संकुचित होने से रोका जा सकता है।
डॉक्टरों ने ज़ोर दिया है कि इन उपायों के साथ-साथ, किसी भी गंभीर दर्द की स्थिति में तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करना अनिवार्य है।