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कोविड-19 का नया खतरा: ओमिक्रोन सब-वेरिएंट पर WHO की पैनी नजर और भारत में अलर्ट

जेनेवा/नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बार फिर दुनिया को वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सचेत किया है। ओमिक्रोन परिवार के एक नए सब-वेरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों ने वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है। यह नया म्यूटेशन पिछले वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बताया जा रहा है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी (Surveillance) को और सख्त कर दिया गया है।

1. नए सब-वेरिएंट की प्रकृति और WHO की चेतावनी

WHO के अनुसार, वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है। नया सब-वेरिएंट विशेष रूप से ‘इम्यून इवेजन’ (Immune Evasion) यानी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में अधिक सक्षम है।

  • संक्रामकता: शुरुआती डेटा से पता चलता है कि यह वेरिएंट उन लोगों को भी प्रभावित कर सकता है जो पहले संक्रमित हो चुके हैं या जिनका पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है या नहीं।

  • WHO का रुख: संगठन ने इसे ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ (Variant of Interest) की श्रेणी में रखते हुए सभी देशों से अपने डेटा साझा करने का आग्रह किया है।

2. भारत सरकार की सक्रियता: राज्यों को निर्देश

भारत में केंद्र सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय कदम उठाए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं:

  • जीनोम सीक्वेंसिंग: राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी पॉजिटिव सैंपल्स को INSACOG लैब में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजें, ताकि समय रहते नए वेरिएंट की पहचान की जा सके।

  • SARI और ILI की निगरानी: अस्पतालों को श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों (SARI) और इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों (ILI) के मामलों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।

3. विशेषज्ञों की सलाह: बचाव ही एकमात्र उपाय

सर्दियों के मौसम में वैसे भी श्वसन संबंधी बीमारियां (Respiratory Illness) बढ़ जाती हैं, ऐसे में नया वेरिएंट जोखिम को दोगुना कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है:

  • मास्क का पुनः उपयोग: भीड़भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक परिवहन और अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य रूप से फिर से शुरू करना चाहिए।

  • भीड़ से बचाव: बंद कमरों या कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर बड़ी सभाओं से बचने की सलाह दी गई है।

  • टीकाकरण और बूस्टर: जिन लोगों ने अपनी बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द इसे पूरा करना चाहिए।

4. स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की समीक्षा

सरकार ने जिला स्तर पर ऑक्सीजन संयंत्रों, वेंटिलेटर्स और आपातकालीन बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित करने की योजना बनाई है। श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती और ठंडे इलाकों में, जहाँ कोहरे के कारण स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावित हो सकती हैं, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

5. घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि नया वेरिएंट चिंता का विषय है, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। हमारी स्वास्थ्य प्रणाली अब पहले से कहीं अधिक तैयार है। बस आवश्यकता इस बात की है कि हम कोविड-उपयुक्त व्यवहार (COVID Appropriate Behavior) को अपनी दिनचर्या में वापस लाएं।


निष्कर्ष: वायरस का विकास प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन हमारी सतर्कता इसके प्रभाव को कम कर सकती है। WHO और भारत सरकार की समय पर दी गई यह चेतावनी हमें एक बड़ी लहर से बचाने में मददगार साबित होगी।

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