
नई दिल्ली। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन हुआ। इस वर्ष की परेड में विभिन्न मंत्रालयों की झांकियों के बीच आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) की झांकी ने अपनी नवीनता और संदेश के कारण दर्शकों और विशेषज्ञों का विशेष ध्यान खींचा। इस झांकी की थीम “आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र” रखी गई थी, जो भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति और आधुनिक विज्ञान के सफल एकीकरण को प्रदर्शित करती है।
परंपरा और तकनीक का ‘स्मार्ट’ संगम
आयुष मंत्रालय की झांकी ने इस धारणा को मजबूती से खंडित किया कि प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां केवल अतीत की बात हैं। झांकी के अग्रभाग में भगवान धन्वंतरि और योग मुद्राओं की विशाल प्रतिमाएं थीं, जो भारत की 5,000 साल पुरानी विरासत का प्रतीक हैं। वहीं, झांकी के मध्य और पिछले हिस्से में ‘स्मार्ट आयुष’ की अवधारणा को दिखाया गया।
इसमें प्रदर्शित किया गया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डिजिटल डेटा का उपयोग आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) में सटीक निदान के लिए किया जा रहा है। झांकी में एक डिजिटल इंटरफेस को दिखाया गया जो नाड़ी परीक्षण और प्रकृति विश्लेषण को आधुनिक सेंसर के माध्यम से प्रदर्शित कर रहा था।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और वैश्विक नेतृत्व का विजन
यह झांकी केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक विजन स्टेटमेंट थी। झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारत अब केवल पश्चिमी दवाओं का आयातक नहीं, बल्कि अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) विज्ञान बनाकर दुनिया को ‘होलिस्टिक हेल्थकेयर’ का विकल्प दे रहा है।
झांकी के मुख्य आकर्षण:
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टेली-आयुष: कैसे ग्रामीण इलाकों में लोग वीडियो कॉल के जरिए आयुष विशेषज्ञों से परामर्श ले रहे हैं।
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आयुष ग्रिड: एक एकीकृत आईटी नेटवर्क जो पूरे देश के आयुष अस्पतालों और शोध केंद्रों को जोड़ता है।
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वैश्विक केंद्र: जामनगर (गुजरात) में स्थापित ‘WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन’ की प्रतिकृति, जो भारत के वैश्विक नेतृत्व को दर्शाती है।
योग और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
झांकी के साथ चल रहे दल ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन किया, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन को दर्शाता है। झांकी में विशेष रूप से ‘तनाव प्रबंधन’ और ‘लाइफस्टाइल रोगों’ (जैसे मधुमेह और रक्तचाप) के उपचार में योग और आयुर्वेद की प्रभावकारिता को डिजिटल ग्राफिक्स के माध्यम से समझाया गया।
निष्कर्ष
आयुष मंत्रालय की इस ‘स्मार्ट’ झांकी ने यह प्रमाणित किया कि “आयुष का तंत्र” अब आधुनिक तकनीक के साथ मिलकर मानवता के लिए “स्वास्थ्य का मंत्र” बन चुका है। यह झांकी प्रधानमंत्री के उस आह्वान को जीवंत करती है जिसमें उन्होंने ‘विरासत पर गर्व’ और ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ की बात कही थी। कर्तव्य पथ पर गूँजती तालियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।