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एमपॉक्स (Mpox) का नया ‘हाइब्रिड’ स्ट्रेन: भारत और यूके में अलर्ट जारी; जानें क्या है ‘रिकॉम्बिनेंट स्ट्रेन’ और इससे जुड़े खतरे

दुनिया अभी कोरोना महामारी के प्रभावों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक नई स्वास्थ्य चुनौती ने दस्तक दे दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) सहित कुछ अन्य देशों में एमपॉक्स (Mpox) के एक नए और दुर्लभ ‘रिकॉम्बिनेंट स्ट्रेन’ (Recombinant Strain) की पहचान होने के बाद वैश्विक स्तर पर निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया है। यह नया स्ट्रेन वायरस के दो अलग-अलग वंशों (Lineages) के मेल से बना है, जिसने वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या है यह नया ‘रिकॉम्बिनेंट’ स्ट्रेन?

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नया स्ट्रेन एमपॉक्स के दो प्रमुख समूहों— क्लेड Ib (Clade Ib) और क्लेड IIb (Clade IIb) के आपस में मिलने (Recombination) से बना है।

  • क्लेड Ib: यह आमतौर पर अधिक गंभीर लक्षणों और उच्च संचरण दर के लिए जाना जाता है।

  • क्लेड IIb: यह वह स्ट्रेन है जिसने 2022 में वैश्विक स्तर पर एमपॉक्स का प्रकोप फैलाया था।

जब एक ही व्यक्ति एक ही समय में इन दो अलग-अलग स्ट्रेन से संक्रमित होता है, तो वायरस के जीन आपस में मिल सकते हैं, जिससे एक ‘हाइब्रिड’ या ‘रिकॉम्बिनेंट’ स्ट्रेन का जन्म होता है।

WHO की रिपोर्ट और वर्तमान स्थिति

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि हालांकि यह नया स्ट्रेन अधिक संक्रामक हो सकता है, लेकिन अभी तक इसके बहुत अधिक घातक या गंभीर होने के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। भारत और यूके में पाए गए मामलों के बाद, WHO ने सभी सदस्य देशों को ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ (Genome Sequencing) बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि यह समझा जा सके कि यह वायरस कितनी तेजी से फैल रहा है और क्या मौजूदा टीके (Vaccines) इस पर प्रभावी हैं या नहीं।

प्रमुख लक्षण और पहचान

एमपॉक्स के इस नए स्ट्रेन के लक्षण पिछले स्वरूपों के समान ही हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अचानक तेज बुखार और सिरदर्द।

  • पीठ दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव।

  • लिम्फ नोड्स (Lymph Nodes) में सूजन।

  • चेहरे, हाथों, पैरों और जननांगों पर चेचक जैसे दाने या छाले निकलना।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सलाह

स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों, विशेषकर उन देशों से आने-जाने वालों के लिए जहाँ एमपॉक्स के मामले अधिक हैं, विशेष सावधानी बरतने को कहा है:

  1. संपर्क से बचें: संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक संपर्क या उनके द्वारा उपयोग किए गए कपड़ों/बिस्तरों के संपर्क में आने से बचें।

  2. हाइजीन: नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का उपयोग करें।

  3. सेल्फ-आइसोलेशन: यदि यात्रा के दौरान या बाद में शरीर पर दाने या बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत खुद को आइसोलेट करें और डॉक्टर को अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताएं।

भारत की तैयारी

भारत सरकार ने हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर थर्मल स्क्रीनिंग और संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) इस नए स्ट्रेन की प्रकृति का अध्ययन कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।


निष्कर्ष: एमपॉक्स का यह नया स्ट्रेन वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय है। हालांकि अभी यह प्रारंभिक अवस्था में है, लेकिन वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत रखना और समय रहते जानकारी साझा करना ही किसी भी संभावित प्रकोप को रोकने की कुंजी है।

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