
भारत सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (AB-PMJAY) के दायरे को बढ़ाते हुए देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात दी है। दिसंबर 2025 तक, इस योजना का लाभ उठाने वाले 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों की संख्या में भारी उछाल आया है। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाता है, बल्कि वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा और गरिमा भी सुनिश्चित करता है।
सार्वभौमिक कवरेज: आय की कोई सीमा नहीं
इस विस्तार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह ‘सार्वभौमिक’ (Universal) है। इसका मतलब है कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के किसी भी नागरिक को इस योजना का लाभ मिलेगा, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
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आय का बंधन खत्म: पहले यह योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए थी, लेकिन अब अमीर-गरीब का भेद मिटाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों को इसमें शामिल किया गया है।
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5 लाख रुपये का कवर: पात्र बुजुर्गों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। यदि किसी परिवार में पहले से ही आयुष्मान कार्ड है, तो उस परिवार के 70+ के बुजुर्ग के लिए 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप कवर प्रदान किया जाएगा।
‘वरिष्ठ नागरिक विशिष्ट कार्ड’ (Vay Vandana Card)
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने विशेष ‘वय वंदना कार्ड’ जारी किए हैं। यह कार्ड सामान्य आयुष्मान कार्ड से अलग दिखता है ताकि अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों की पहचान तुरंत हो सके और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिले।
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कैशलेस और पेपरलेस सुविधा: बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती होने के समय कोई पैसा जमा करने की आवश्यकता नहीं होती। भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज और उसके बाद की दवाओं तक का खर्च इसमें शामिल है।
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निजी और सरकारी अस्पताल: देश भर के हजारों सूचीबद्ध (Empanelled) निजी और सरकारी अस्पतालों में इस कार्ड के जरिए इलाज कराया जा सकता है।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और सुगमता
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के साथ एकीकरण के कारण, अब बुजुर्गों का पूरा मेडिकल इतिहास डिजिटल रूप में उपलब्ध रहता है।
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ABHA आईडी: प्रत्येक बुजुर्ग की एक ‘आभा’ (Ayushman Bharat Health Account) आईडी बनाई जा रही है, जिससे उन्हें अपने पुराने पर्चे और रिपोर्ट्स साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं होती।
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पंजीकरण की सुविधा: पंजीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। नागरिक ‘आयुष्मान ऐप’ के माध्यम से या नजदीकी ‘Common Service Center’ (CSC) पर जाकर आधार कार्ड की मदद से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
भारत में स्वास्थ्य पर होने वाला ‘आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर’ (जेब से होने वाला खर्च) बहुत अधिक है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग या किडनी की समस्या होने पर मध्यमवर्गीय परिवारों की बचत खत्म हो जाती है। 70+ योजना के लागू होने से:
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परिवारों पर बोझ कम हुआ: अब बच्चों को अपने बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
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स्वस्थ बुढ़ापा: समय पर इलाज मिलने से बुजुर्गों की जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
निष्कर्ष
आयुष्मान भारत का यह विस्तार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र को चरितार्थ करता है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को बिना किसी वित्तीय तनाव के सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं मिलना, एक विकसित भारत की ओर बढ़ता हुआ एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक देश के शत-प्रतिशत पात्र बुजुर्गों के पास उनका ‘वय वंदना कार्ड’ हो।