
WHO का तकनीकी ब्रीफ यह स्पष्ट करता है कि मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Ratio) केवल चिकित्सा सुविधाओं की कमी का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा और स्थिरता से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। जब किसी क्षेत्र में शांति भंग होती है, तो उसका सबसे पहला और गहरा प्रभाव प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है।
1. चौंकाने वाले आंकड़े: 60% मृत्यु का भार
विश्व स्तर पर होने वाली कुल मातृ मृत्यु में से 60% मौतें उन देशों में होती हैं जिन्हें ‘नाजुक’ (Fragile) या ‘संघर्ष-प्रभावित’ माना गया है।
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5 गुना अधिक जोखिम: एक महिला जो युद्धग्रस्त क्षेत्र (जैसे गाजा, सूडान या यूक्रेन के कुछ हिस्से) में गर्भवती होती है, उसके प्रसव के दौरान मृत्यु की संभावना एक स्थिर देश की महिला की तुलना में 500% अधिक होती है।
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निवारणीय कारण: इन क्षेत्रों में होने वाली अधिकांश मौतें उन कारणों से होती हैं जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में आसानी से रोका जा सकता था, जैसे अत्यधिक रक्तस्राव (Hemorrhage), संक्रमण (Sepsis) और उच्च रक्तचाप।
2. स्वास्थ्य प्रणालियों का ध्वस्त होना
संघर्ष क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर बढ़ने के पीछे कई संरचनात्मक कारण हैं:
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अस्पतालों पर हमले: युद्ध के दौरान अक्सर स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया जाता है या वे सैन्य ठिकानों में तब्दील हो जाते हैं। इससे प्रसव के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बचते।
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डॉक्टरों का पलायन: हिंसा के डर से अनुभवी डॉक्टर और मिडवाइव्स (दाइयां) इन क्षेत्रों को छोड़कर चले जाते हैं, जिससे ‘कौशल की कमी’ पैदा हो जाती है।
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सप्लाई चेन का टूटना: जीवन रक्षक दवाएं, ऑक्सीटोसिन और साफ सर्जिकल उपकरण समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते।
3. ‘गोल्डन ऑवर’ की अनुपलब्धता
गर्भावस्था की जटिलताओं में ‘समय’ सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है। संघर्ष क्षेत्रों में:
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कर्फ्यू और चेकपोस्ट: प्रसव पीड़ा के दौरान महिलाओं को अस्पताल पहुँचने के लिए घंटों चेकपोस्ट पर इंतजार करना पड़ता है।
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परिवहन की कमी: एम्बुलेंस सेवाओं का अभाव और असुरक्षित रास्ते महिलाओं को घर पर ही असुरक्षित प्रसव के लिए मजबूर करते हैं।
4. WHO की अंतरराष्ट्रीय अपील
WHO के महानिदेशक ने इस रिपोर्ट के माध्यम से वैश्विक समुदाय को तीन प्रमुख कदम उठाने के लिए आगाह किया है:
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स्वास्थ्य को राजनीति से अलग रखें: स्वास्थ्य सुविधाओं को ‘नो-गो ज़ोन’ (No-go Zone) घोषित किया जाना चाहिए ताकि वे युद्ध का हिस्सा न बनें।
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मोबाइल हेल्थ यूनिट्स: संघर्ष क्षेत्रों में उन महिलाओं तक पहुँचने के लिए मोबाइल क्लीनिक और पोर्टेबल डिलीवरी किट का निवेश बढ़ाया जाए जो अस्पतालों तक नहीं पहुँच सकतीं।
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वित्तीय सहायता: अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं से अपील की गई है कि वे विशेष रूप से ‘प्रजनन स्वास्थ्य’ (Reproductive Health) के लिए सुरक्षित फंड आवंटित करें।
मानवीय दृष्टिकोण
यह रिपोर्ट केवल आंकड़ों के बारे में नहीं है; यह उन लाखों महिलाओं के बारे में है जो एक नया जीवन दुनिया में लाने की कोशिश में अपनी जान गंवा देती हैं क्योंकि उनके पास एक डॉक्टर, एक साफ कमरा या एक साधारण दवा की पहुँच नहीं थी। WHO का कहना है कि यदि हमें 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करना है, तो हमें संघर्ष क्षेत्रों की इन ‘अदृश्य माताओं’ पर ध्यान देना ही होगा।
निष्कर्ष: युद्ध केवल मोर्चे पर नहीं लड़ा जाता, इसके सबसे बड़े शिकार वे होते हैं जो घर के अंदर जीवन को पाल रहे होते हैं। शांति केवल राजनीतिक स्थिरता के लिए नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के सुरक्षित जन्म के लिए भी अनिवार्य है।