
राजस्थान का श्रीगंगानगर जिला भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से सटा हुआ एक बेहद संवेदनशील इलाका है। हाल के समय में सीमा पार से सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय प्रशासन की निगरानी को चकमा देने के लिए नई-नई तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। इसी खतरे को भांपते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के मुख्य कारण, उठाये गए ठोस कदम और इसके व्यापक प्रभावों का पूरा विवरण:
1. सीमा पार से मंडराते खतरे का नया स्वरूप
पारंपरिक घुसपैठ के तरीकों के अलावा अब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन आधारित तस्करी की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी देखी गई है।
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ड्रोन का इस्तेमाल: सीमा पार बैठे तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर छोटे और मध्यम आकार के हेक्साकॉप्टर/क्वॉडकॉप्टर ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में प्रतिबंधित खेप (जैसे हेरोइन और अवैध हथियार) गिराने का प्रयास करते हैं।
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स्थानीय व अंतर्राज्यीय सिंडिकेट: सीमा पार से गिराई गई इन खेपों को प्राप्त करने के लिए अक्सर पंजाब और स्थानीय तस्करों का नेटवर्क सक्रिय रहता है।
2. सुरक्षा बलों का संयुक्त मोर्चा और फ्लैग मार्च
बीएसएफ और श्रीगंगानगर पुलिस के बीच तालमेल को और मजबूत किया गया है:
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संयुक्त फ्लैग मार्च: सीमावर्ती गांवों (जैसे श्रीकरणपुर, गजसिंहपुर, केसरीसिंहपुर, रायसिंहनगर और अनूपगढ़ से सटे इलाकों) में बीएसएफ के जवानों और जिला पुलिस ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला। इसका मुख्य उद्देश्य सीमांत ग्रामीणों में सुरक्षा का अहसास कराना और असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करना है।
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कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन: संदिग्ध इलाकों, खेतों, और पुराने खाली भवनों में सघन तलाशी अभियान (Combing Operations) चलाए जा रहे हैं।
3. आधुनिक सर्विलांस और नाइट पेट्रोलिंग
तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्राउंड से लेकर एयर लेवल तक सर्विलांस बढ़ाया गया है:
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नाइट विजन और एंटी-ड्रोन सिस्टम: रात के समय ड्रोन की गुनगुनाहट (Buzzing sound) की तुरंत पहचान करने के लिए बीएसएफ की अग्रिम चौकियों पर ‘ड्रोन डिटेक्शन टेक्नोलॉजी’ और हाई-टेक नाइट विजन उपकरणों की तैनाती बढ़ाई गई है।
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रात्रिकालीन गश्त (Night Surveillance): सीमा पर कांटेदार तार (Fencing) के पास रात में बीएसएफ की गश्त बढ़ा दी गई है, वहीं बाहरी सड़कों और संपर्क मार्गों पर राजस्थान पुलिस की मोबाइल पेट्रॉलिंग यूनिट्स लगातार गश्त कर रही हैं।
4. बहुस्तरीय नाकाबंदी और चेक-पोस्ट
जिले के प्रमुख राजमार्गों और गांव की पगडंडियों पर चौकसी कड़ी कर दी गई है:
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अस्थायी चेक-पोस्ट: भारत-पाक सीमा को राष्ट्रीय राजमार्गों और पंजाब राज्य की सीमाओं से जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर विशेष नाकाबंदी की गई है।
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सघन वाहन जांच: रात और अलसुबह के समय संदिग्ध रूप से घूमने वाले वाहनों (विशेषकर पंजाब नंबर की गाड़ियों) की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है।
5. ‘विलेज वॉच ग्रुप्स’ और ग्रामीणों से तालमेल
सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि सीमा सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं बल्कि स्थानीय आबादी के सहयोग से सफल होती है:
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सीमावर्ती गांवों के सरपंचों, किसान भाइयों और युवाओं को ‘आंख और कान’ बनने की अपील की गई है।
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ग्रामीणों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि रात में आसमान में कोई अनजानी रोशनी या उड़ती हुई चीज (ड्रोन) दिखाई दे, अथवा खेत में कोई संदिग्ध पार्सल मिले, तो बिना छुए तुरंत पुलिस या बीएसएफ पोस्ट को सूचित करें।
सुरक्षा तंत्र का मुख्य लक्ष्य
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य श्रीगंगानगर को देश विरोधी तत्वों, नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के अवैध व्यापार और हथियार तस्करी के नेटवर्क से पूरी तरह मुक्त रखना है। बीएसएफ और श्रीगंगानगर पुलिस का यह साझा ग्रिड यह सुनिश्चित करता है कि देश की सुरक्षा में कोई भी सुराख न रहने पाए।