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व्यापारी से रंगदारी और मुख्य बाजार में फायरिंग: पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में बीते दिनों एक प्रसिद्ध व्यापारी से अवैध वसूली (रंगदारी) मांगने और खौफ पैदा करने के लिए दुकान के बाहर की गई अंधाधुंध फायरिंग की वारदात ने पूरे व्यापारिक समुदाय को दहला दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

रंगदारी मांगने और दहशत फैलाने के लिए की गई थी फायरिंग

घटनाक्रम के अनुसार, शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाके में स्थित एक प्रमुख व्यापारी को पिछले कुछ दिनों से अज्ञात अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय नंबरों से फोन और मैसेज के जरिए मोटी रंगदारी की मांग की जा रही थी। रंगदारी न देने या पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।

व्यापारी द्वारा मांग पूरी न करने पर बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े या देर शाम बाजार में दुकान के बाहर आकर दहशत फैलाने की नीयत से हवाई फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस गोलीबारी से मुख्य बाजार में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और विशेष टीमों का गठन

फायरिंग की घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस उप-अधीक्षक (DSP) और स्थानीय थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। व्यापारियों के विरोध और सुरक्षा की मांग को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन किया।

पुलिस की टीमों ने निम्नलिखित कदम उठाए:

  • CCTV फुटेज खंगाले: बाजार क्षेत्र और शहर के निकास मार्गों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिससे संदिग्धों के भागने का रूट चार्ट तैयार हुआ।

  • साइबर सेल की मदद: जिस नंबर से व्यापारी को धमकी भरे कॉल आए थे, उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और IP एड्रेस को ट्रैक किया गया।

  • इंटेलिजेंस नेटवर्क: स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया ताकि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान की जा सके।

मुख्य आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इस वारदात के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार (देशांत पिस्टल/कट्टा) और कारतूस भी बरामद किए जाने की सूचना है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसका मकसद व्यापारी के मन में भय पैदा करके जबरन पैसे वसूलना था।

गैंगस्टर नेटवर्क और विदेशी आकाओं के कनेक्शन की जांच

श्रीगंगानगर और आसपास के सीमावर्ती जिलों में पिछले कुछ समय से लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ या अन्य स्थानीय गैंग्स के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले सामने आते रहे हैं। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि:

  • क्या पकड़ा गया आरोपी किसी संगठित आपराधिक गिरोह (Gangster Network) का सक्रिय सदस्य है?

  • क्या यह सिरफिरे अपराधियों द्वारा सिर्फ पैसे ऐंठने की कोई स्वतंत्र वारदात थी या इसके पीछे जेल में बंद या विदेश में बैठे गैंगस्टर्स का हाथ है?

  • शहर में किन-किन अन्य व्यापारियों को ऐसे धमकी भरे कॉल आए हैं और इस गैंग के स्थानीय मददगार (Sleeper Cells) कौन हैं?

व्यापारियों को सुरक्षा का आश्वासन

इस त्वरित सफलता के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह सख्त रहेगी और किसी भी अपराधी या गिरोह को पैर नहीं पसारने दिया जाएगा। पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी रंगदारी की कॉल आने पर डरने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सके।

मामले में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है, और जल्द ही पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

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